August 30, 2026
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CUET UG 2026 : एनटीए ने बदला फैसला, अब सिर्फ परीक्षा शहर बदल सकेंगे छात्र, तारीख व शिफ्ट पहले की तरह ही रहेंगी

CUET UG 2026 : एनटीए ने बदला फैसला, अब सिर्फ परीक्षा शहर बदल सकेंगे छात्र, तारीख व शिफ्ट पहले की तरह ही रहेंगी

CUET UG 2026 को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा शहर, डेट और शिफ्ट में बदलाव के लिए लागू किए गए नए नियम में 24 घंटे के भीतर ही संशोधन कर दिया है। पहले जारी नोटिस में छात्रों को परीक्षा शहर के साथ-साथ डेट और शिफ्ट बदलने का विकल्प दिया गया था, लेकिन अब एजेंसी ने स्पष्ट कर दिया है कि उम्मीदवार केवल परीक्षा शहर और राज्य में ही बदलाव के लिए आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा की तारीख और शिफ्ट पहले की तरह ही रहेंगी।

एनटीए ने 5 मई को नोटिस जारी कर कहा था कि जिन उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान चुने गए चार विकल्पों में से पसंदीदा परीक्षा शहर नहीं मिला है, वे 7 मई रात 11:50 बजे तक cuet.nta.nic.in पर जाकर री-अलॉकेशन विंडो के जरिए नए विकल्प चुन सकते हैं। यह प्रक्रिया ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर रखी गई थी। ऐसे उम्मीदवारों को संशोधित एडमिट कार्ड 8 या 9 मई को जारी करने की बात कही गई थी।

हालांकि, 6 मई को जारी नए नोटिस में एनटीए ने परीक्षा डेट और शिफ्ट बदलने की सुविधा वापस ले ली। अब छात्र केवल अपने राज्य और शहर में बदलाव के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि पहले की तरह 7 मई ही रखी गई है। इस वर्ष CUET UG परीक्षा देशभर में 35 शिफ्ट में आयोजित की जा रही है और इसमें 9222 विषय संयोजन शामिल हैं।

इस बार CUET UG के लिए 15.68 लाख से अधिक यूनिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को चार परीक्षा शहर चुनने का विकल्प दिया गया था। लेकिन 29 अप्रैल को जारी एडवांस एग्जाम सिटी इंटिमेशन स्लिप में कई छात्रों, खासकर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के उम्मीदवारों को आगरा और जयपुर जैसे दूर शहरों में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिए गए। इसके बाद एनटीए को लगातार शिकायतें मिलीं।

छात्रों की शिकायतों के बाद एजेंसी ने परीक्षा शहरों में बदलाव करते हुए नई डेटशीट जारी की। एनटीए के मुताबिक, 79 प्रतिशत उम्मीदवारों को उनकी पहली पसंद का शहर मिला है, जबकि 96.6 प्रतिशत छात्रों को उनके चुने गए चार विकल्पों में से किसी एक के आधार पर परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया है।

इसके बावजूद करीब 3.4 प्रतिशत यानी लगभग 55 हजार उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्हें उनकी प्राथमिकता के अनुसार परीक्षा शहर नहीं मिल सका। ऐसे छात्र अब री-अलॉकेशन विंडो के जरिए नए शहर के लिए आवेदन कर सकते हैं। जो उम्मीदवार तय समय सीमा के भीतर बदलाव नहीं करेंगे, उन्हें पहले जारी एडमिट कार्ड के अनुसार ही परीक्षा देनी होगी।

आईपी यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक प्रो. गुलशन कुमार धमीजा का कहना है कि इस बार एनटीए ने सीट आवंटन प्रक्रिया में बदलाव किया है, जिससे दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों की समस्या काफी हद तक कम हुई है। उन्होंने कहा कि पहले कई छात्र दूर सेंटर मिलने की वजह से परीक्षा छोड़ देते थे, लेकिन इस बार परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच सकती है।

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