भाजपा और जेडीयू के बीच 16-16 के फॉर्मूले पर बनी सहमति, सहयोगी दलों को 4 सीटें
पटना: बिहार की राजनीति में 7 मई का दिन अहम होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने जा रही है। इस बार आयोजन को खास बनाने के लिए पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान को चुना गया है, जहां भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पहली बार बिहार के किसी कैबिनेट विस्तार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं शामिल होंगे। इसे बीजेपी के बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा और मंच निर्माण की तैयारियां तेज कर दी हैं।
संभावित मंत्रियों की सूची लगभग तैयार मानी जा रही है, जिसमें अनुभव और सामाजिक समीकरणों को संतुलित रखने पर खास जोर दिया गया है। विधानसभा के संख्या बल के अनुसार मुख्यमंत्री समेत कुल 36 मंत्री बन सकते हैं। फिलहाल तीन पद भरे हुए हैं—सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री, जबकि विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। ऐसे में अब 33 पद खाली हैं।
मंत्रिमंडल में सीटों के बंटवारे के अनुसार बीजेपी और जेडीयू को बराबर-बराबर 16-16 मंत्री पद मिल सकते हैं, जबकि शेष चार सीटें सहयोगी दलों को दी जाएंगी। इनमें चिराग पासवान की पार्टी को दो सीटें, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को एक-एक सीट मिलने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि मांझी और कुशवाहा अपने-अपने बेटे को मंत्री बना सकते हैं। वहीं, सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी और जेडीयू के संभावित चेहरों को लेकर है।
शपथ ग्रहण समारोह 7 मई को दिन के पहले हिस्से में आयोजित होगा। 6 मई को राज्यपाल को संभावित मंत्रियों की सूची सौंपी जाएगी। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गृह मंत्री अमित शाह सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
