-पीएम आवास योजना के लाभुकों संग बैठक में शामिल हुए विधायक, प्रोजेक्ट हेड व डीएमसी
-प्रोजेक्ट मैनेजर बोलेः अभी नाली, सड़क और ड्रेन का काम अधूरा
-डीएमसी बोलेः अपने मन से कोई फैसला न करें, थोड़ा धैर्य रखें
-सरयू बोलेः काम शुरु हो तो वह मंत्री से मिल कर चाबी देने को कहेंगे
-कई महिला लाभुक रोने लगीं, बोलीं-इसी मकान के चक्कर में कहीं वो भी न मर जाएं
जमशेदपुर। बिरसानगर स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित मकानों की चाबी सौंपने के मुद्दे पर मंगलवार को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर स्थित आवास पर अहम बैठक हुई। बैठक में 75 से अधिक लाभुकों के साथ जेएनएसी के उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार और जुडको के प्रोजेक्ट मैनेजर धनंजय कुमार भी मौजूद थे।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि आवासीय परिसर में सड़क, नाली और ड्रेनेज का कार्य अधूरा होने के कारण फिलहाल चाबी सौंपना संभव नहीं है। इन कार्यों को पूरा करने के लिए 31 मई तक का समय मांगा गया। विधायक सरयू राय ने कहा कि जैसे ही आधारभूत कार्य शुरू हो जाएंगे, वे मंत्री से मिलकर चाबी वितरण की प्रक्रिया तेज कराने का प्रयास करेंगे। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 31 मई तक काम पूरा नहीं हुआ तो वे 1 जून से अनशन पर बैठेंगे।
बैठक की शुरुआत में सरयू राय ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मंत्री से मुलाकात कर लाभुकों की समस्याओं से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट अभी जुडको के पास है और कई बुनियादी कमियां बाकी हैं, इसलिए इसे जेएनएसी को हैंडओवर नहीं किया गया है।
प्रोजेक्ट मैनेजर धनंजय कुमार ने जानकारी दी कि बाथरूम और किचन के पानी निकासी के लिए ड्रेनेज का टेंडर फाइनल हो चुका है और जल्द काम शुरू होगा। उन्होंने दावा किया कि एक महीने में ड्रेनेज का काम पूरा कर लिया जाएगा। वहीं सड़क निर्माण के लिए फंड स्वीकृति लंबित है, लेकिन वैकल्पिक रूप से फ्लाई ऐश बिछाकर आवागमन सुगम बनाया जाएगा।
इस पर लाभुकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 में ही गृह प्रवेश का वादा किया गया था, लेकिन 2026 तक भी उन्हें मकान नहीं मिला। कई लाभुकों ने कहा कि वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है और अब उन्हें लिखित में समयसीमा चाहिए।
उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार ने स्पष्ट किया कि जब तक जुडको सभी कार्य पूरे नहीं करता, तब तक प्रोजेक्ट को जेएनएसी अपने अधीन नहीं ले सकता। उन्होंने भी माना कि काम पूरा होने में कम से कम एक माह का समय लगेगा।
लंबी बहस के बाद यह सहमति बनी कि 31 मई तक सड़क, नाली और ड्रेनेज का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद एक कार्यक्रम आयोजित कर लाभुकों को मकानों की चाबी सौंपी जाएगी।
बैठक में मीटर कनेक्शन शुल्क का मुद्दा भी उठा। लाभुकों ने आरोप लगाया कि अलग-अलग शहरों में अलग शुल्क वसूला जा रहा है—रांची में मुफ्त, बोकारो में 1500 रुपये और जमशेदपुर में 13,600 रुपये। इस पर सरयू राय ने बोकारो के उपायुक्त से फोन पर जानकारी भी मांगी।
लाभुकों ने मांग रखी कि उन्हें तुरंत चाबी दी जाए और बाकी काम बाद में पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि 6 मई को गृह प्रवेश की तैयारी भी कर ली गई है। हालांकि प्रशासन ने साफ किया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही चाबी सौंपी जाएगी और पहले प्रोजेक्ट का पूर्ण होना जरूरी है।



