ठेका मजदूरों के स्थानांतरण विवाद पर प्रबंधन को निर्देश
मुख्य बिंदु:
- डीएलसी ने ओटी बकाया जमा कराने का निर्देश दिया
- ठेका मजदूरों के स्थानांतरण मामले में सुनवाई हुई
- यूनियन ने मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखी
जमशेदपुर – टाटा पावर के ठेका मजदूरों के स्थानांतरण और ओवरटाइम भुगतान विवाद में डीएलसी कार्यालय ने प्रबंधन को बकाया राशि जमा कराने का निर्देश दिया।
जमशेदपुर में शुक्रवार को उप श्रमायुक्त कार्यालय में सुनवाई हुई। मामला टाटा पावर के ठेका मजदूरों से जुड़ा था।
हालांकि, सुनवाई में मजदूरों के कथित गलत स्थानांतरण का मुद्दा उठा। दूसरी ओर, ओवरटाइम भुगतान में अनियमितता की शिकायत भी रखी गई।
मजदूर पवन कुमार और संजीव प्रसाद ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप ठेका प्रबंधन कंपनी ताज टेक्नो पर लगाया गया।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि मजदूरों को निर्धारित दर नहीं मिली। ओवरटाइम भुगतान दुगनी दर से देने का नियम बताया गया।
उप श्रमायुक्त अरविंद कुमार ने प्रबंधन को निर्देश दिया। बकाया राशि की गणना कर कार्यालय में जमा करने को कहा गया।
हालांकि, श्रम विभाग ने आगे कार्रवाई की बात कही। विभाग ने मामले को गंभीर बताते हुए निर्देश जारी किए।
टाटा पावर मजदूर यूनियन भी सुनवाई में शामिल रही। यूनियन की ओर से महासचिव निगमा नंद पाल उपस्थित रहे।
उधर, यूनियन उपाध्यक्ष अम्बुज कुमार ठाकुर ने बयान दिया। उन्होंने मजदूरों से दस्तावेज जमा कराने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सभी प्रभावित मजदूरों से संपर्क किया जाएगा। जरूरी कागजात जल्द कार्यालय में जमा होंगे।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि संजीव प्रसाद भी बैठक में मौजूद रहे। यूनियन ने संघर्ष जारी रखने की घोषणा की।
डीएलसी अरविंद कुमार ने प्रबंधन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि तीन बार नोटिस भेजा जा चुका है।
हालांकि, अब विभाग अंतिम निर्णय लेने की तैयारी में है। मामले में अगली सुनवाई जल्द तय होगी।

