पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 32 मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार में पुराने चेहरों के साथ कई नए नेताओं को भी मौका दिया गया। सरकार ने मंत्रिमंडल गठन में जातीय संतुलन और महिला प्रतिनिधित्व पर विशेष ध्यान दिया है।नए मंत्रिमंडल में भाजपा कोटे से 15, जदयू से 13, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से 2, जबकि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक-एक मंत्री बनाए गए हैं।महिला प्रतिनिधित्व की बात करें तो कैबिनेट में कुल पांच महिला मंत्रियों को शामिल किया गया है। इनमें जदयू से लेसी सिंह, श्वेता गुप्ता और शीला मंडल को जगह मिली है, जबकि भाजपा ने रमा निषाद और श्रेयसी सिंह को मंत्री बनाया है।जातीय समीकरण को साधने के लिए सभी प्रमुख वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। राजपूत समाज से सबसे अधिक चार नेताओं को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। वहीं भूमिहार और ब्राह्मण समाज के नेताओं को भी जगह दी गई है।अति पिछड़ा वर्ग को साधने पर भी सरकार ने विशेष जोर दिया है। रमा निषाद, प्रमोद चंद्रवंशी, रामचंद्र प्रसाद, मदन सहनी, दामोदर रावत, बुलो मंडल और शीला मंडल को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। वैश्य समाज से दिलीप जायसवाल, केदार गुप्ता, अरुण शंकर प्रसाद और श्वेता गुप्ता को मौका मिला है।दलित समुदाय से भाजपा और जदयू ने लखेंद्र पासवान, नंद किशोर राम, सुनील कुमार, रत्नेश सदा और अशोक चौधरी को मंत्रिमंडल में शामिल किया है। वहीं एलजेपी (रामविलास) से संजय पासवान और हम पार्टी से संतोष कुमार सुमन भी दलित चेहरों के रूप में शामिल किए गए हैं।मुस्लिम समाज से आने वाले जमा खान को एक बार फिर मंत्रिमंडल में जगह मिली है, जबकि यादव समाज का प्रतिनिधित्व रामकृपाल यादव कर रहे हैं।
