72 घंटे लगातार कास्टिंग, 24,000 घन मीटर लो-कार्बन कंक्रीट, 3,600 टन सीमेंट और 600 से अधिक श्रमिकों की दिन-रात मेहनत
अहमदाबाद : अदाणी सीमेंट ने अहमदाबाद के निकट जसपुर स्थित उमियाधाम प्रोजेक्ट में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए धार्मिक अवसंरचना के लिए दुनिया का सबसे बड़ा राफ्ट फाउंडेशन तैयार किया।
यह उपलब्धि अदाणी सीमेंट और उसके सहयोगी M/s PSP प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की तकनीकी क्षमता, सटीक योजना और सतत नवाचार का जीवंत प्रमाण है।
यह मेगा राफ्ट पोर 72 घंटे तक लगातार चला। इस दौरान 24,000 घन मीटर ईकोमैक्सX M45 ग्रेड लो-कार्बन कंक्रीट का इस्तेमाल किया गया। इसके लिए 25 से अधिक रेडी-मिक्स कंक्रीट (आरएमएक्स) प्लांट, 270 से अधिक ट्रांजिट मिक्सर, 3,600 टन उच्च गुणवत्ता वाला सीमेंट और 600 से अधिक कुशल श्रमिकों व इंजीनियरों की सेवाएँ ली गईं।
पूरा संचालन इस तरह योजनाबद्ध था कि ढलाई में न रुकावट आई और न ही कोल्ड जॉइंट्स बने।
ईकोमैक्सX तकनीक के इस्तेमाल से इस प्रोजेक्ट का कार्बन फुटप्रिंट 60% तक घटा। “कूलक्रीट” फार्मूले ने तापमान को 28 डिग्री सेल्सियस से नीचे बनाए रखा, जिससे ढांचे पर थर्मल तनाव नहीं पड़ा।
वहीं, लगे थर्मोकपल्स लगातार तापमान और मजबूती की रियल-टाइम निगरानी कर रहे थे।
अदाणी समूह के सीईओ (सीमेंट बिज़नेस) विनोद बाहेती ने कहा कि उमियाधाम केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आस्था और आधुनिक इंजीनियरिंग का संगम है। हमारे चेयरमैन का मानना है कि यह काम आस्था और नवाचार के बीच एक पुल का प्रतीक है। हमारी ECOMaxX कंक्रीट ने न सिर्फ निर्माण को टिकाऊ बनाया, बल्कि कार्बन उत्सर्जन को भी काफी हद तक घटाया। यह उपलब्धि हमारी गुणवत्ता और उद्देश्य दोनों को दर्शाती है।
विश्व उमिया फाउंडेशन के अध्यक्ष आर.पी. पटेल ने कहा कि जगत जननी माँ उमिया मंदिर का यह विश्व रिकॉर्ड भारत की सांस्कृतिक और इंजीनियरिंग धरोहर के लिए गौरव का क्षण है। ऐसे मेगा प्रोजेक्ट्स में अदाणी सीमेंट की विशेषज्ञता ने उन्हें हमारा स्वाभाविक साझेदार बनाया।
उमियाधाम परियोजना 60 एकड़ में विकसित हो रही है, जिस पर लगभग ₹2,000 करोड़ का निवेश होगा।
प्रस्तावित 504 फीट ऊँचे मंदिर का राफ्ट फाउंडेशन 450 फीट × 400 फीट × 8 फीट के आयाम पर आधारित है। इस मंदिर में 1,551 धर्म स्तंभ होंगे, जो इसे विश्व की अनूठी धार्मिक संरचना बनाएंगे।
इस ऐतिहासिक कास्टिंग को देखने के लिए मौके पर 1,000 से अधिक लोग मौजूद रहे, जबकि 10,000 से ज्यादा लोगों ने इसे ऑनलाइन देखा।
वर्ल्ड वन टॉवर, जम्मू-कश्मीर का चिनाब रेलवे ब्रिज और अब उमियाधाम जैसे प्रोजेक्ट्स ने अदाणी सीमेंट की पहचान को और सशक्त किया है। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी दक्षता का प्रमाण है, बल्कि सतत विकास और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति कंपनी की गहरी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
