July 24, 2026
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जमशेदपुर

जमशेदपुर: बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में बवाल, कई अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिलने पर ग्रेजुएट कॉलेज गेट पर प्रदर्शन

जमशेदपुर: बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में बवाल, कई अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिलने पर ग्रेजुएट कॉलेज गेट पर प्रदर्शन

जमशेदपुर: बीएड, एमएड और बीपीएड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा के दौरान रविवार को शहर के ग्रेजुएट कॉलेज परीक्षा केंद्र पर उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया। इससे नाराज छात्रों ने केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया और परीक्षा प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। कुछ अभ्यर्थियों ने गेट फांदकर परिसर में प्रवेश करने का भी प्रयास किया।

जानकारी के अनुसार परीक्षा के लिए रिपोर्टिंग समय सुबह 10:15 बजे निर्धारित था, जबकि परीक्षा 10:30 बजे शुरू होनी थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे परीक्षा शुरू होने से पहले ही कॉलेज परिसर पहुंच गए थे, लेकिन प्रवेश द्वार पर दस्तावेज सत्यापन और अन्य औपचारिकताओं में देरी के कारण उन्हें समय पर अंदर नहीं जाने दिया गया।

छात्रों का आरोप है कि गेट पर तैनात कर्मियों ने उन्हें इंतजार करने के लिए कहा, जिससे बहुमूल्य समय व्यर्थ हो गया। अभ्यर्थियों के मुताबिक परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले कुछ छात्रों को जल्दबाजी में प्रवेश दे दिया गया, जबकि कई अन्य अभ्यर्थियों को बाहर ही रोक दिया गया। इसी को लेकर छात्रों में आक्रोश फैल गया।

विरोध कर रहे छात्रों का कहना था कि जब कुछ अभ्यर्थियों को अंतिम समय में प्रवेश की अनुमति दी गई, तो उन्हें परीक्षा देने से क्यों वंचित किया गया। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र कॉलेज के मुख्य गेट पर चढ़ गए और परीक्षा में शामिल करने की मांग करने लगे।

अभ्यर्थियों का कहना है कि भले ही वे रिपोर्टिंग समय से कुछ मिनट देर से पहुंचे हों, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र पर मौजूद थे। इसके बावजूद उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे उनका एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।

छात्रा प्रिया सिंह, हाजरा खातून, जियासवारी दास और ज्योति समेत कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि मामूली देरी को आधार बनाकर उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र पहुंचने के बावजूद उन्हें मौका नहीं दिया गया, जो उनके साथ अन्याय है। वहीं, छात्रों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की है।

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