‘अभिषेक बनर्जी कानून से बचने का प्रयास कर रहे, लेकिन संभव नहीं’, ईडी के समन पर बोले दिलीप घोष

कोलकाता, 4 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी कानून से बचने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह संभव नहीं है।

मंत्री दिलीप घोष ने गुरुवार सुबह मीडिया से बात करते हुए कहा, “अभिषेक बनर्जी कानून से बचने का प्रयास कर रहे हैं, यह संभव नहीं है। इससे पहले उनके जितने भी नेता, अनुब्रत मंडल से लेकर पार्थ चटर्जी जी तक, सभी ने यही ड्रामा किया था। बीमार हैं, अस्पताल में हैं, अभी नहीं जाएंगे। लेकिन आखिरकार जाना पड़ा। जो गया, वह अंदर ही चला गया। सबका इंतजार हो रहा है।”

गौरतलब है कि टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित गड़बड़ियों और अवैध लेनदेन से जुड़े मामले में फंसे हैं। बीते दिन ईडी ने उन्हें घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में 15 जून को पूछताछ के लिए समन जारी किया। अभिषेक बनर्जी को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को ईडी के दो अधिकारी दक्षिण कोलकाता के हरिश मुखर्जी रोड स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास ‘शांतिनिकेतन’ पहुंचे थे, ताकि उन्हें व्यक्तिगत रूप से समन सौंपा जा सके। हालांकि, वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने अधिकारियों को बताया कि अभिषेक काफी समय से उस आवास में नहीं रह रहे हैं।

इसके बाद ईडी अधिकारी कालीघाट रोड स्थित उनके दूसरे आवास पहुंचे, जो उनकी बुआ और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर के निकट स्थित है, लेकिन अभिषेक वहां भी मौजूद नहीं थे, जिसके कारण ईडी अधिकारी उन्हें व्यक्तिगत रूप से समन नहीं दे सके। ईडी सूत्रों के अनुसार, मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। 15 जून को उनका बयान दर्ज किया जाएगा।

वहीं, दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस में अंतर्कलह पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “टीएमसी का मामला अभी गोलमोल चल रहा है। आप उन्हें पहले तय करने दीजिए कि पार्टी किसके साथ है, कौन है और नेता कौन है। इसमें हमें क्या टिप्पणी करनी है? पार्टी ही खत्म हो रही है। पार्टी का यही भविष्य था, और भी होने वाला है।”

दिलीप घोष ने आगे कहा, “टीएमसी नाम को मिटा देना चाहिए। इस पर भी बुलडोजर चला देना चाहिए। इस नाम ने ही पिछले 15 सालों से बंगाल को बर्बाद कर दिया है। लोग टीएमसी के नाम को सुनना और देखना नहीं चाहते हैं।”

डीसीएच

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