जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हुए चर्चित हत्याकांड के विरोध में शुक्रवार को जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के आह्वान पर आयोजित बंद का शहर के विभिन्न इलाकों में व्यापक असर देखने को मिला। शहर के प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कई पेट्रोल पंपों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर बंद का समर्थन किया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे दिन कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
सुबह करीब साढ़े आठ बजे विधायक सरयू राय अपने बिष्टुपुर स्थित आवास से बाइक रैली के साथ निकले। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे। उन्होंने मानगो समेत कई इलाकों का दौरा कर बंद की स्थिति का जायजा लिया और दावा किया कि आम लोगों ने स्वतःस्फूर्त तरीके से इस आंदोलन का समर्थन किया।
शहर के प्रमुख इलाकों में दिखा बंद का असर
सोनारी में वेस्ट लेआउट, कागलनगर, बस स्टैंड, राम मंदिर चौक, एयरपोर्ट रोड, डिस्पेंसरी रोड, गुदड़ी बाजार और लोहार लाइन सहित कई इलाकों में बाजार बंद रहे। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने व्यापारियों से अपील कर प्रतिष्ठान बंद करवाए।


कदमा के बाजार, भाटिया बस्ती, उलियान, रामनगर, ग्रीन पार्क, रामजन्मनगर, फार्म एरिया, गणेश पूजा मैदान और शास्त्रीनगर में भी बंद का असर स्पष्ट दिखाई दिया। बंद समर्थकों ने शांतिपूर्ण तरीके से लोगों से सहयोग की अपील की।
मानगो के मानगो चौक, राजेंद्र नगर चौक, ओल्ड चेक पोस्ट, उलीडीह, डिमना चौक, आसियाना चौक, पारडीह चौक, चेपा पुल और आसपास के क्षेत्रों में भी अधिकांश दुकानें बंद रहीं।
साकची बाजार, झंडा चौक, श्रीलेदर लाइन, बसंत टॉकीज रोड, रामलीला मैदान रोड और जुबिली पार्क गेट के आसपास भी बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं बिष्टुपुर के मेन रोड, बाजार क्षेत्र, डायगोनल रोड, एलआईसी बिल्डिंग, रीगल चौक और खाऊ गली में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला।

बिष्टुपुर में पुलिस और समर्थकों के बीच हुई हल्की नोकझोंक
बंद के दौरान बिष्टुपुर स्थित एलआईसी बिल्डिंग के पास कुछ समय के लिए बंद समर्थकों और पुलिस के बीच हल्की बहस हुई। पुलिस द्वारा समर्थकों को आगे बढ़ने से रोके जाने पर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई, हालांकि कुछ देर बाद मामला शांत हो गया और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी।
सरयू राय बोले- जनता ने खुद का आंदोलन समझकर दिया समर्थन
बंद के बाद विधायक सरयू राय ने कहा कि यह बंद पूरी तरह सफल रहा और जनता ने इसे अपना आंदोलन मानकर स्वेच्छा से सहयोग किया। उन्होंने कहा कि शहर की अधिकांश सड़कें सूनी रहीं और व्यापारियों ने बिना किसी दबाव के अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।
सरयू राय ने कहा कि जमशेदपुर में लंबे समय से अपराध की संस्कृति पनप रही है और अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ा है। उनका आरोप था कि अपराधियों को यह भरोसा हो गया है कि पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। उन्होंने कहा कि शहर में नए पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति हुई है और अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि वे कानून-व्यवस्था को किस तरह मजबूत करते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कई अपराधियों की स्थानीय थानों से सांठगांठ रही है, जिसे समाप्त करना आवश्यक है।
