- * 395.15 करोड़ रुपये की है परियोजना, 2018 में शुरू हुआ काम
- * एजेंसी को रखरखाव के लिए सालाना दो करोड़ रुपये का भुगतान
- * स्वच्छ पानी के लिए तरस रही जनता, प्रशासन व एजेंसी मौन
- * बार-बार एक्सटेंशन से सरकारी राजस्व को लग रही चपत
आदित्यपुर : सरायकेला-खरसावां जिले की महत्वाकांक्षी आदित्यपुर शहरी जलापूर्ति योजना तय समयसीमा समाप्त होने के करीब पांच वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो सकी है।
लगभग 395.15 करोड़ रुपये की इस परियोजना में लगातार हो रही देरी को लेकर अब स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ने लगा है। आदित्यपुर गम्हरिया विकास समिति ने 15 जुलाई तक जलापूर्ति शुरू नहीं होने पर चरणबद्ध जन आंदोलन की चेतावनी दी है।
वर्ष 2018 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य दिसंबर 2021 तक पूरा होना था, लेकिन कई बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद योजना आज तक पूरी नहीं हो सकी है। अब इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध तेज होने लगा है।
आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह के नेतृत्व में आदित्यपुर गम्हरिया विकास समिति ने परियोजना में हो रही देरी के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है।
आदित्यपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि जनता वर्षों से स्वच्छ पेयजल की प्रतीक्षा कर रही है, लेकिन प्रशासन और कार्यदायी एजेंसी समय पर योजना पूरी करने में विफल रही है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत 30 एमएलडी क्षमता का सीतारामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और 60 एमएलडी क्षमता का सांपड़ा फिल्टर प्लांट बनाया जा रहा है। वर्तमान में सीतारामपुर प्लांट का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जबकि सांपड़ा फिल्टर प्लांट का कार्य अभी भी करीब 60 प्रतिशत ही पूरा हुआ है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि योजना पूरी नहीं होने के कारण पुरानी जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव के लिए कार्यदायी एजेंसी जिंदल को हर वर्ष करीब दो करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
कार्यदायी एजेंसी ने दावा किया है कि 15 जुलाई 2026 तक सीतारामपुर प्लांट से आदित्यपुर-2 क्षेत्र में तथा दिसंबर 2026 तक सांपड़ा प्लांट के माध्यम से आदित्यपुर-1 और गम्हरिया क्षेत्र में जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
हालांकि विकास समिति ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि 15 जुलाई तक आदित्यपुर-2 में हर हाल में जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो व्यापक और चरणबद्ध जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
समिति ने सरकार और प्रशासन से परियोजना की वास्तविक प्रगति, बढ़ती लागत, गुणवत्ता और लगातार हो रही देरी पर श्वेत पत्र जारी करने की भी मांग की है, ताकि जनता को पूरी स्थिति से अवगत कराया जा सके।
पुरेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि जल्द ही समिति का एक प्रतिनिधिमंडल आदित्यपुर नगर निगम के नगर आयुक्त से मिलकर परियोजना की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करेगा और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने की मांग करेगा।
प्रेस वार्ता में राजद युवा जिला अध्यक्ष उदित यादव, देव प्रकाश, सत्येंद्र प्रभात, अधिवक्ता संजय कुमार, संजय यादव, प्रमोद गुप्ता, दिलीप मंडल, नील माधव घोष, राजेश कुमार यादव, प्रिंस कुमार राय, भुनेश्वर यादव, ओम प्रकाश, संतोष कुमार सिंह, सोनू पासवान समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।