जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत पटमदा प्रखंड के कांकु गांव में प्रस्तावित पत्थर खदान परियोजना के विरोध में ग्रामीणों ने आंदोलन तेज कर दिया है। गुरुवार को जिस गुट ने खदान परियोजना का विराे किया था, वह गुट शुक्रवार को और मुखर हो गया।
सैकड़ों महिलाएं और-पुरुषों ने शुक्रवार को जिला समाहरणालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर खनन परियोजना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान से पर्यावरण, स्वास्थ्य और स्थानीय धार्मिक-सामाजिक संरचनाओं पर गंभीर असर पड़ेगा।
आंदोलन को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) का भी समर्थन मिला। प्रदर्शन में पार्टी के जिला महासचिव दिनेश महतो, प्रवक्ता सुब्रत महतो, महानगर अध्यक्ष रामप्रसाद महतो, प्रखंड अध्यक्ष अनिल बास्के और सचिव मृत्युंजय महतो समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि मौजा कांकु में लगभग 5.90 एकड़ भूमि पर पत्थर खदान स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। इस प्रस्ताव का ग्राम सभा में सर्वसम्मति से विरोध किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित खदान स्थल के आसपास वर्ष 2023 में स्थापित अंतरराष्ट्रीय बागीचा, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीणों के आवासीय मकान तथा जाहेरथान स्थित हैं।
ग्रामीणों के अनुसार खदान संचालन के दौरान होने वाले विस्फोट, धूलकण और प्रदूषण से बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है।
आवेदन में ग्रामीणों ने उल्लेख किया है कि कांकु गांव अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां ग्राम सभा के निर्णय को विशेष महत्व प्राप्त है। ग्राम सभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी परिस्थिति में गांव में पत्थर खदान स्थापित नहीं होने दी जाएगी।
ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की है कि ग्राम सभा के निर्णय और ग्रामीणों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित पत्थर खदान की स्वीकृति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा इससे संबंधित सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं स्थगित की जाएं।
ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला खनन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अंचल अधिकारी, पटमदा को सौं गई है। आवेदन पर ग्राम प्रधान चुनाराम मुर्मू, श्यामसुंदर बेसरा, सोमनाथ मुर्मू, गुरुपद मुर्मू, सागुन बेसरा, जगदीश मुर्मू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।


