चाकुलिया : भीषण गर्मी और पानी की तलाश में एक जंगली हाथी मंगलवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र के नया बाजार स्थित वन विभाग (वन रोपण) कार्यालय परिसर में घुस आया।
यह कार्यालय चाकुलिया-माटीहाना मुख्य सड़क के किनारे स्थित है। बताया जाता है कि हाथी पास की कोलकाता पिंजरापोल सोसाइटी की गौशाला क्षेत्र से निकलकर परिसर में पहुंचा था।
हाथी के कार्यालय परिसर में आने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। हाथी करीब दो घंटे तक परिसर में मौजूद रहा और कुएं के पास खड़ा रहा।
सूचना मिलने पर वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम मौके पर पहुंची। टीम के सदस्यों ने बोरिंग से पाइप के जरिए हाथी को पानी उपलब्ध कराया। पानी पीने के बाद हाथी शांत हो गया।
इसके बाद वन विभाग की टीम ने पटाखे फोड़कर हाथी को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ दिया। माना जा रहा है कि तेज गर्मी और प्यास के कारण हाथी पानी की तलाश में वन विभाग कार्यालय परिसर तक पहुंच गया था।
गौरतलब है कि वन विभाग कार्यालय से सटी कोलकाता पिंजरापोल सोसाइटी की गौशाला में अक्सर जंगली हाथियों का जमावड़ा देखा जाता है, जिसके कारण इस क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही बनी रहती है।
कटहल और आम के बागानों पर धावा, जमुआ-कालियाम पंचायत के ग्रामीण परेशान
चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड की हाथी प्रभावित जमुआ और कालियाम पंचायत में पिछले कई दिनों से 20 से 25 जंगली हाथियों का झुंड लगातार उत्पात मचा रहा है। हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इन दिनों पेड़ों पर लगे कटहल हाथियों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार शाम ढलते ही हाथी जंगल से निकलकर गांवों में प्रवेश कर जाते हैं और कटहल के पेड़ों को निशाना बनाते हैं। वे पेड़ों से कटहल तोड़कर खाते हैं और बड़ी मात्रा में फलों को नुकसान भी पहुंचाते हैं।
बीती रात सोनघाटी गांव में हाथियों ने कई कटहल के पेड़ों पर धावा बोलकर फलों को खाया तथा काफी संख्या में कटहल बर्बाद कर दिए, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कटहल के अलावा हाथियों का झुंड केला और आम के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। बागानों में घुसकर हाथी आम खा रहे हैं और पेड़ों की टहनियां तोड़ रहे हैं। लगातार हो रहे नुकसान से किसानों और बागान मालिकों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के झुंड को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने तथा फसलों और बागानों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
