August 28, 2026
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अखिलेश यादव पर विनय कटियार का तंज, ‘कभी-कभी समझदारी से बाहर हो जाते हैं’

अखिलेश यादव पर विनय कटियार का तंज, ‘कभी-कभी समझदारी से बाहर हो जाते हैं’

लखनऊ, 8 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों रुपए गायब होने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार ने अखिलेश यादव के आरोपों को खारिज करते हुए उन पर तीखा पलटवार किया है।

विनय कटियार ने कहा कि अखिलेश यादव कभी-कभी समझदारी से बाहर हो जाते हैं और बिना पर्याप्त तथ्यों के बयान दे देते हैं। राम मंदिर निर्माण एक ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ा कार्य है, जिसे पूरे देश के लोगों के सहयोग और विश्वास से आगे बढ़ाया गया है। ऐसे में बिना किसी ठोस प्रमाण के भ्रष्टाचार या धन के दुरुपयोग के आरोप लगाना उचित नहीं है। यदि कभी उनकी मुलाकात अखिलेश यादव से होती है तो वे उनसे आग्रह करेंगे कि वे इस पूरे विषय को गहराई से समझें और तथ्यों के आधार पर ही टिप्पणी करें।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताए जाने पर भी विनय कटियार ने सहमति जताई। उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि चढ़ावे के पैसों का दुरुपयोग हुआ है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की वित्तीय प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के तहत संचालित होती हैं और ऑडिट की प्रक्रिया भी नियमित रूप से चलती रहती है।

पूर्व सांसद ने कहा कि अयोध्या में एक भव्य और दिव्य राम मंदिर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। मंदिर का अधिकांश कार्य संपन्न हो गया है और केवल शिखर से जुड़ा कुछ हिस्सा शेष है, जिसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मंदिर भारतीय स्थापत्य, संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। अखिलेश यादव को दक्षिण भारत में मौजूद प्राचीन और भव्य मंदिरों को देखकर यह समझना चाहिए कि बड़े धार्मिक निर्माण किस प्रकार लंबे समय और सुनियोजित प्रक्रिया के तहत तैयार किए जाते हैं। अयोध्या का राम मंदिर भी उसी परंपरा का हिस्सा है।

वहीं, भाजपा नेता सुब्रत पाठक ने कहा, “अखिलेश यादव को पहले साफ करना चाहिए कि उनकी आस्था राम मंदिर में है या बाबरी मस्जिद में। अगर उनकी आस्था राम मंदिर में होती, तो उन्होंने राम भक्तों पर गोलियां क्यों चलवाईं? वे राम मंदिर के निर्माण में बाधा क्यों डालते हैं? उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर का विरोध करने के लिए वकील क्यों खड़े किए? ये ऐसे लोग हैं जिन्होंने हमेशा यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि राम मंदिर न बने।”

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