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पटना, 6 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जेड प्लस सुरक्षा हटाने को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने सुरक्षा को खुद वापस किए जाने के दावों को खारिज कर दिया।
सुरक्षा कम किए जाने की खबरों के बीच राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में लालू-राबड़ी के बड़े पुत्र और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव अपनी मां राबड़ी देवी से मिलने उनके आवास पहुंचे। आवास पर बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
मीडिया से बातचीत करते हुए तेजप्रताप यादव ने सुरक्षा वापस किए जाने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि न तो उनकी माता राबड़ी देवी ने और न ही परिवार के किसी सदस्य ने सुरक्षा लौटाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा कर्मियों पर दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें बार-बार यह बताया जा रहा था कि सुरक्षा संबंधी कमांड समाप्त कर दिया गया है।
तेजप्रताप ने कहा कि उनकी मां ने केवल इतना कहा था कि यदि कमांड समाप्त कर दिया गया है तो सुरक्षा कर्मी अपनी ड्यूटी से जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा हटाने का कोई निर्णय परिवार की ओर से नहीं लिया गया।
तेजप्रताप यादव ने बताया कि वह अपनी मां का हालचाल जानने के लिए आवास पहुंचे थे क्योंकि राबड़ी देवी अस्वस्थ चल रही हैं। इस दौरान उन्होंने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक सुरक्षा बिहार की बहू-बेटियों को मिलनी चाहिए और राज्य सरकार को महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने आरोप लगाया कि सरकार समर्थक कुछ माध्यमों द्वारा यह अफवाह फैलाई गई कि लालू परिवार ने अपनी सुरक्षा वापस कर दी है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। उन्होंने दोहराया कि उनकी मां से हुई बातचीत में यह स्पष्ट हुआ है कि परिवार ने सुरक्षा लौटाने जैसा कोई कदम नहीं उठाया है। सुरक्षा कर्मियों ने स्वयं दस्तावेज दिखाते हुए कहा था कि उनकी सुरक्षा संबंधी कमांड समाप्त कर दी गई है।
इस पूरे विवाद के बीच विपक्षी दलों ने भी लालू परिवार के समर्थन में अपनी आवाज उठाई है। इंडियन इंसाफ पार्टी (आईआईपी) के सह-राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक आईपी गुप्ता ने कहा कि महागठबंधन में राजद प्रमुख भूमिका निभाता है और जब भी गठबंधन के किसी बड़े नेता पर राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव पड़ता है तो सहयोगी दलों की जिम्मेदारी बनती है कि वे नैतिक समर्थन दें।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बिहार के वास्तविक और ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए लालू परिवार से जुड़े मामलों को प्रमुखता दे रही है।
आईपी गुप्ता ने बिहार सरकार की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है और कई गंभीर मुद्दे सरकार के सामने मौजूद हैं। टेंडर घोटाले जैसे मामलों से ध्यान भटकाने के लिए लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को केंद्र में रखकर राजनीतिक विवाद खड़ा किया जा रहा है।
एएसएच
