September 11, 2026
टाउन पोस्ट
सच्ची खबर, सही समय पर
हिंदी

झारखंड में जमीन के रिकॉर्ड होंगे डिजिटल, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पंचायतों में लगेंगे कैंप

झारखंड में जमीन के रिकॉर्ड होंगे डिजिटल, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पंचायतों में लगेंगे कैंप

रांची, 1 जून (आईएएनएस)। झारखंड में जमीन खरीदने या बेचने वाले लोगों को जल्द ही किसी भूखंड की स्थिति से जुड़ी पूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेगी। राज्य सरकार भूमि अभिलेखों के व्यापक डिजिटलीकरण की दिशा में काम तेज करने जा रही है, जिससे लोगों को यह पता चल सकेगा कि संबंधित जमीन किसी सरकारी परियोजना के लिए अधिग्रहित हो चुकी है, अधिग्रहण की प्रक्रिया में है या पूरी तरह विवादमुक्त है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को परिवहन विभाग तथा राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक में इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

राज्य में जमीन से जुड़े विवाद लंबे समय से बड़ी समस्या रहे हैं। कई मामलों में खरीदारों को बाद में पता चलता है कि जिस जमीन की उन्होंने खरीदारी की है, वह किसी सरकारी योजना या अधिग्रहण प्रक्रिया से जुड़ी हुई है। प्रस्तावित डिजिटलीकरण व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को जमीन खरीदने से पहले उसकी अद्यतन स्थिति ऑनलाइन देखने की सुविधा मिल सकेगी। इससे भूमि विवादों और धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

बैठक में खासमहल भूमि से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। सरकार ने लीज नवीनीकरण, हस्तांतरण और भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रियाओं को सरल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाने का संकेत दिया है। इसके तहत खासमहल भूमि के लीजधारकों की मैपिंग और दस्तावेजों के पुनः सत्यापन की भी योजना है।

परिवहन क्षेत्र में ग्रामीण इलाकों के लोगों को राहत देने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस शिविर लगाने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। इससे ग्रामीणों को लाइसेंस बनवाने के लिए जिला मुख्यालय या परिवहन कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है। सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर भी बैठक में चर्चा हुई। दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित गुड सेमेरिटन योजना और हिट एंड रन मुआवजा योजना की समीक्षा की गई।

अधिकारियों को इन योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, राज्य में प्रस्तावित ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा-1944’ को जल्द शुरू करने पर भी जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि यह सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में मददगार साबित हो सकती है। बैठक में परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने, सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और प्रशासनिक सेवाओं को तकनीक के माध्यम से अधिक पारदर्शी एवं सुलभ बनाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

एसएनसीएएसएच

न्यूज़लेटर

हर सुबह की बड़ी खबरें, सीधे आपके इनबॉक्स में

टाउन पोस्ट का न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें — कोई स्पैम नहीं, बस ज़रूरी खबरें।

हम आपकी जानकारी को सुरक्षित रखते हैं। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।

धन्यवाद! कृपया सब्सक्रिप्शन की पुष्टि के लिए अपना ईमेल जांचें।

हमें फॉलो करें

ताज़ा खबरों और अपडेट के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।

Feel like reacting? Express your views here!

Discover more from Town Post

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading