उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) एक ऐसी समस्या है, जिसे सही जीवनशैली और समय पर उपचार के जरिए काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम और अनुशासित दिनचर्या अपनाकर इस बीमारी से बचाव संभव है। इसके लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद आवश्यक है।
- प्रतिदिन नमक का सेवन 5 ग्राम से कम रखें।
- भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें।
- सप्ताह के अधिकांश दिनों में कम से कम 30 मिनट तक पैदल चलें, साइकिल चलाएं या नियमित व्यायाम करें।
- अतिरिक्त वजन कम करें — केवल 5 किलो वजन घटाने से भी सकारात्मक असर दिख सकता है।
- धूम्रपान छोड़ें और शराब के सेवन को सीमित करें।
- योग, ध्यान और गहरी सांस लेने जैसी गतिविधियों के जरिए तनाव को नियंत्रित रखें।
यदि केवल जीवनशैली में बदलाव पर्याप्त न हों, तो चिकित्सक एंटी-हाइपरटेंसिव दवाएं लेने की सलाह देते हैं। दवाओं का सेवन हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से करना चाहिए। बेहतर महसूस होने पर भी बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाएं बंद नहीं करनी चाहिए।
बचाव ही सबसे प्रभावी उपचार
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुरुआत से ही स्वस्थ आदतें अपनाई जाएं, तो कई मामलों में उच्च रक्तचाप को रोका जा सकता है। बच्चों को बचपन से ही संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधियों का महत्व सिखाना जरूरी है। वहीं, वयस्कों को 18 वर्ष की आयु के बाद कम से कम वर्ष में एक बार रक्तचाप की जांच अवश्य करानी चाहिए। 40 वर्ष की आयु के बाद या जोखिम कारक होने पर जांच अधिक नियमित रूप से करानी चाहिए।
उच्च रक्तचाप का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति सामान्य और स्वस्थ जीवन नहीं जी सकता। दुनिया भर में लाखों लोग इसे सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लंबा और बेहतर जीवन जी रहे हैं। इसके लिए सबसे जरूरी है — जागरूकता, नियमित जांच और लगातार स्वस्थ जीवनशैली अपनाना।
डॉ. अब्दुल मल्लिक
प्लांट मेडिकल ऑफिसर, ऑक्यूपेशनल हेल्थ सर्विसेज
टाटा स्टील लिमिटेड, जमशेदपुर

