ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की तीन राज्यों में छापेमारी

अगरतलाआइजोल, 9 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़े बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम में कई ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला 142 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध धनराशि के लेनदेन से जुड़ा है।

ईडी के आइजोल सब-जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत सोमवार को तीन राज्यों में चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की अगरतला जोनल यूनिट द्वारा दर्ज एक मामले के आधार पर की जा रही है।

ईडी के मुताबिक, 21 अगस्त 2025 को मिजोरम में राष्ट्रीय राजमार्ग-6ए पर एक वाहन काफिले को रोका गया था। तलाशी के दौरान 49.101 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट और 40 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

जांच में खुलासा हुआ है कि यह एक संगठित अंतर्राज्यीय और सीमा पार ड्रग तस्करी नेटवर्क था, जो म्यांमार स्थित सप्लायरों से मेथामफेटामाइन मंगाता था। तस्करी का सामान मिजोरम के चंफाई जिले के जोखावथर सेक्टर के जरिए भारत में लाया जाता था और फिर त्रिपुरा में मौजूद नेटवर्क तक पहुंचाया जाता था।

ईडी के अनुसार, अपराध से अर्जित धन को कई बैंक खातों, फर्जी कंपनियों, नकद लेनदेन और हवाला नेटवर्क के माध्यम से घुमाकर उसकी वास्तविक स्रोत और लाभार्थियों की पहचान छिपाई जाती थी। अब तक 142 करोड़ रुपए से अधिक के संदिग्ध लेनदेन की पहचान की जा चुकी है।

जांच एजेंसी ने बताया कि म्यांमार स्थित मुख्य सप्लायर चिंतुआंग और जबरुल हक को पहले ही एनसीबी गिरफ्तार कर चुकी है।

छापेमारी के दौरान जिन प्रमुख लोगों और संस्थाओं को निशाना बनाया गया, उनमें त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले के सोनामुरा निवासी अनवर हुसैन उर्फ सुमन मियां उर्फ ‘करोड़पति सुमन’ और जाशिम मियां शामिल हैं। दोनों को जब्त की गई खेप का अंतिम प्राप्तकर्ता माना जा रहा है।

इसके अलावा मिजोरम के जोखावथर निवासी हमिंगथानसांगी के परिसरों की भी तलाशी ली गई। जांच में उसके बैंक खाते में 33 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित एमएस रिजू एंटरप्राइजेज की प्रोपराइटर चैताली दास के परिसरों पर भी छापेमारी की गई। एजेंसी को संदेह है कि इस फर्म का इस्तेमाल अवैध धन को खपाने के लिए किया गया।

ईडी ने बताया कि सुमन मियां और जाशिम मियां के घरों के आसपास जंगलों में पेड़ों पर लगाए गए 25 से अधिक सीसीटीवी कैमरे मिले, जो भारत-बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय सीमा की निगरानी कर रहे थे। तलाशी के दौरान मादक पदार्थों की खोज के लिए डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई।

एसएकेडीकेपी

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