मोदी सरकार के 12 वर्ष पर भाजपा जमशेदपुर महानगर के विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में गूंजी उपलब्धियों की गाथा
जमशेदपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को भाजपा जमशेदपुर महानगर द्वारा बिष्टुपुर स्थित सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स के पारीख सभागार में “विकसित भारत संकल्प सम्मेलन” का आयोजन किया गया। भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, सामाजिक प्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने अतिथियों एवं उपस्थित जनों का अभिनंदन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए व्यापक परिवर्तन, विकास योजनाओं और सुशासन के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला।
सेवा, सुशासन और अंत्योदय के 12 वर्ष : सतीश चंद्र दुबे
मुख्य वक्ता केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन व्यवस्था की कार्यशैली और सोच दोनों को बदलने का कार्य किया है। सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखकर सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का जो संकल्प लिया गया था, वह आज देशभर में दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार भारत आज आत्मविश्वास, राष्ट्रीय सुरक्षा, मजबूत अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। डिजिटल क्रांति, आधुनिक आधारभूत संरचना, आत्मनिर्भर भारत अभियान और सामाजिक समावेशन जैसे क्षेत्रों में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
सतीश चंद्र दुबे ने विश्वास जताया कि जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प के बल पर “विकसित भारत @2047” का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जाएगा।
जनकल्याणकारी योजनाओं ने बदली करोड़ों लोगों की जिंदगी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का संचार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, जिससे शासन व्यवस्था अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, पीएम आवास, जनधन योजना, मुद्रा लोन और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने गरीबों को बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय सुरक्षा और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़कर उन्हें आर्थिक मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है।
झारखंड के विकास के लिए केंद्र-राज्य समन्वय जरूरी
झारखंड के संदर्भ में सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि राज्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद अपेक्षित गति से विकास नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि कई खदानें बंद पड़ी हैं और यदि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करे तो झारखंड विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
मोदी सरकार ने विकास और सुशासन का नया अध्याय लिखा : विद्युत वरण महतो
सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान देश ने विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है और प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
महिला सशक्तिकरण को मिली नई दिशा : पूर्णिमा साहू
जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की अवधारणा को वास्तविक धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, सुरक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता तक के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पिछले 12 वर्षों में महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।
कार्यक्रम का संचालन जिला प्रभारी अनिल मोदी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला महामंत्री एवं कार्यक्रम संयोजक राजीव सिंह ने दिया। सम्मेलन में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद आभा महतो, पूर्व विधायक मेनका सरदार, प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
