यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी पर तेज होगा आंदोलन, हस्ताक्षर अभियान से बनेगा दबाव

मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने पर उठे सवाल

50 समूह बनाकर चलाया जाएगा हस्ताक्षर अभियान

23 अप्रैल को होगी बड़ी रणनीतिक बैठक

स्टेशन पर लगाया जाएगा ओपन सिग्नेचर बोर्ड

राज्यपाल और केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे हस्ताक्षर

जमशेदपुर। ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के मुद्दे पर रेल यात्री संघर्ष समिति ने सोमवार को एक अहम बैठक कर आगे की रणनीति तय की। यह बैठक जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर स्थित कार्यालय में आयोजित हुई, जिसमें समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह, आजसू के जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह और जद (यू) के महानगर अध्यक्ष अजय कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि यात्री ट्रेनों की देरी के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा और चक्रधरपुर मंडल द्वारा स्थिति में ठोस सुधार होने तक संघर्ष जारी रहेगा। 26 अप्रैल को प्रस्तावित हस्ताक्षर अभियान को व्यापक और प्रभावशाली बनाने के लिए 50 अलग-अलग समूह बनाए जाएंगे। ये समूह रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों से संपर्क कर उनके हस्ताक्षर एकत्र करेंगे।

संग्रहित हस्ताक्षरों को झारखंड के राज्यपाल और भारत सरकार को भेजा जाएगा, ताकि यात्रियों की समस्याओं को मजबूती से उठाया जा सके। अभियान को लेकर 23 अप्रैल को एक और बड़ी बैठक बुलाई गई है, जिसमें विभिन्न समूहों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।

विधायक सरयू राय ने कहा कि उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी से आम लोग बुरी तरह प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे अधिकारी यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता देते हैं, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने मांग की कि यदि इस संबंध में कोई आदेश या सर्कुलर जारी हुआ है तो उसे सार्वजनिक किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे द्वारा समय पर गंतव्य तक पहुंचाने का वादा अब खोखला साबित हो रहा है और इससे यात्रियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

संयोजक शिव शंकर सिंह ने बताया कि मंगलवार को एक प्रतिनिधिमंडल मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपेगा। साथ ही स्टेशन परिसर में एक बड़ा ओपन बोर्ड लगाया जाएगा, जहां यात्री सीधे हस्ताक्षर कर सकेंगे। इसके अलावा पर्चे बांटकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा और प्लेटफॉर्म पर घूम-घूमकर हस्ताक्षर जुटाए जाएंगे।

आजसू जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि आंदोलन में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और इसे व्यापक जनसमर्थन मिलेगा।

वहीं, जद (यू) के महानगर अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि यह आंदोलन अब जनांदोलन का रूप ले चुका है। आम लोग खुद चक्रधरपुर मंडल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं और लगातार सामने आ रही लेटलतीफी की खबरें रेलवे की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही हैं।

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