उत्तर प्रदेश संघ और मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल विवाद : संस्थापक डॉ. डी.पी. शुक्ला ने निष्पक्ष जांच और संवैधानिक कार्रवाई की उठाई मांग

Town Post Live 24×7
LIVE

TOWN POST LIVE 24×7

Breaking News • Jharkhand • Bihar • India

▶ WATCH LIVE
🔴 BREAKING NEWS • WATCH TOWN POST LIVE 24×7 • LIVE COVERAGE • JHARKHAND • BIHAR • INDIA • POLITICS • CRIME • SPORTS • BUSINESS • ENTERTAINMENT • WEATHER • EXCLUSIVE REPORTS • CLICK ANYWHERE ON THIS BANNER TO WATCH LIVE • 🔴 BREAKING NEWS • WATCH TOWN POST LIVE 24×7 • LIVE COVERAGE • JHARKHAND • BIHAR • INDIA • POLITICS • CRIME • SPORTS • BUSINESS • ENTERTAINMENT • WEATHER • EXCLUSIVE REPORTS •

जमशेदपुर: उत्तर प्रदेश संघ के संस्थापक महासचिव एवं मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल (एमएनपीएस) के संस्थापक डॉ. डी.पी. शुक्ला ने संघ और स्कूल से जुड़े विवाद को लेकर निष्पक्ष जांच एवं संविधान के अनुरूप कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद संविधान के विपरीत निर्णय लिए जा रहे हैं।

डॉ. शुक्ला ने कहा कि संघ के पंजीकृत संविधान में कार्यकारिणी का कार्यकाल बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है, फिर भी अध्यक्ष द्वारा मनमाने ढंग से कार्यकाल विस्तार का निर्णय लिया गया। उनका कहना है कि यह निर्णय संगठन के संविधान की भावना के विपरीत है।

उन्होंने वर्ष 2020 में सरायकेला के गौरी गांव में खरीदी गई भूमि को लेकर उठे विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उनके अनुसार, उक्त भूमि की खरीद संघ के संविधान और तत्कालीन कार्यकारिणी के निर्णय के अनुरूप की गई थी।

हालांकि बाद में कुछ लोगों ने इस खरीद को विवादित बताते हुए जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट पर उन्होंने गंभीर सवाल उठाए हैं।

डॉ. शुक्ला का आरोप है कि जांच समिति की रिपोर्ट निष्पक्ष नहीं थी और उसमें तथ्यों के बजाय पक्षपातपूर्ण निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि इसी रिपोर्ट के आधार पर जून 2026 में उन्हें महासचिव पद से निष्कासित करने की कार्रवाई की गई, जबकि संघ के संविधान के अनुसार वर्तमान कार्यकारिणी को निर्वाचित पदाधिकारियों को पद से हटाने का अधिकार प्राप्त नहीं है।

उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह असंवैधानिक और अवैध बताया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गौरी गांव में खरीदी गई जमीन का उद्देश्य ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए एक विद्यालय स्थापित कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना था।

उनका आरोप है कि कुछ लोग अब उस जमीन को बेचने की साजिश रच रहे हैं, जिससे संस्था के मूल उद्देश्य और सामाजिक सरोकारों को नुकसान पहुंच सकता है।

डॉ. डी.पी. शुक्ला ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने, कथित अनियमितताओं की गहन पड़ताल करने तथा उत्तर प्रदेश संघ के पंजीकृत संविधान के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि संगठन की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सभी निर्णय संविधान के दायरे में लिए जाने चाहिए।

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

गृह मंत्री ने अवैध कोयला खनन और चोरी की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह एवं कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अवैध कोयला खनन...

गम्हरिया में राजद का 30वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया, सामाजिक न्याय के संकल्प को किया दोहराया

गम्हरिया: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कैंप कार्यालय में रविवार को पार्टी का 30वां स्थापना दिवस उत्साह और संगठनात्मक...

अभिमत

जमशेदपुर: एसएसपी पीयूष पांडे को हटाना जनभावनाओं के अनुरूप

रवींद्र नाथ चौबे ​मेरा यह दृढ़ मानना है कि पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के वरीय आरक्षी अधीक्षक (SSP) श्री पीयूष पांडे को पद से हटाने का...

झारखंड में हिमांशु सिंह हत्याकांड पर मुख्यमंत्री का त्वरित फैसला, स्वागतयोग्य

जमशेदपुर के हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री की त्वरित कार्रवाई का स्वागत, लेकिन अब निष्पक्ष जांच, दोषियों को कड़ी सजा और पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित करना सबसे बड़ी आवश्यकता है।

संपादक की पसंद

जमशेदपुर : पटमदा में ड्राइविंग लाइसेंस शिविर, 155 ने किया आवेदन, 124 को मिला लर्नर लाइसेंस

जमशेदपुर : अब पूर्वी सिंहभूम जिले के लोगों को ड्राइिवंग लाइसेंस के लिए जिला परिवहन कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा है। जिला...

झारखंडः जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट पर उठे सवाल, लगातार 832 रोल नंबरों का कोई अभ्यर्थी नहीं हुआ सफल

रांची, 5 जुलाई (आईएएनएस)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से सिविल सेवा संयुक्त प्रतियोगिता 2025 की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के परिणाम पर...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत