भाजमुमो नेता ने कांग्रेस को सोरेन की विधानसभा संबंधी टिप्पणियों पर रुख स्पष्ट करने की चुनौती दी
प्रमुख बिंदु:
• सोरेन ने विधानसभा में भाषण में शहरी निवासियों की तुलना बांग्लादेशी घुसपैठियों से की
• बीजेएम के श्रीवास्तव ने सीएम की टिप्पणी पर कांग्रेस नेताओं से जवाब मांगा
• बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच जमशेदपुर की ‘मिनी इंडिया’ पहचान उजागर हुई
जमशेदपुर – मुख्यमंत्री के विवादास्पद विधानसभा बयान को लेकर बीजेएम जिला अध्यक्ष द्वारा कांग्रेस नेताओं को चुनौती दिए जाने के बाद स्थानीय राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
भाजयुमो जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा में की गई विवादास्पद टिप्पणी पर स्पष्टीकरण की मांग की।
सोरेन ने कथित तौर पर प्रमुख शहरों के निवासियों की तुलना बांग्लादेशी घुसपैठियों से की।
इस बयान से स्थानीय समुदायों में आक्रोश फैल गया है।
श्रीवास्तव ने सवाल किया, “कांग्रेस के प्रमुख नेता इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं?”
उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य मंत्री को निशाने पर लिया। बन्ना गुप्ता और पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार।
भाजमुमो नेता ने सोरेन पर बिहारी समुदाय को अपमानित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
श्रीवास्तव ने जमशेदपुर की विविध जनसांख्यिकी संरचना पर जोर दिया।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “जमशेदपुर को ‘मिनी इंडिया’ के नाम से जाना जाता है।”
शहर के विकास का श्रेय विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के योगदान को दिया जाता है।
श्रीवास्तव ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस नेता चुप रहे तो परिणाम भुगतने होंगे।
उन्होंने धमकी देते हुए कहा, “हम सार्वजनिक बैठकों के माध्यम से उनके दोहरे मानदंडों को उजागर करेंगे।”
यह विवाद क्षेत्र में बढ़ते राजनीतिक तनाव को उजागर करता है।
यह झारखंड में जनसांख्यिकीय चर्चाओं की संवेदनशील प्रकृति को भी रेखांकित करता है।
