राम मंदिर दानपात्र घपले पर डिंपल यादव का हमला, बोलीं- सरकार ने सच्चाई छिपाने की कोशिश की

मैनपुरी, 16 जून (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने राम मंदिर के दानपात्र में हुए घपलेबाजी को लेकर बड़ा दावा किया। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले के बारे में जानकारी थी, लेकिन साजिशन इसे छुपाने की कोशिश की गई। सपा सांसद ने मांग की है कि इस मामले की जांच के लिए ज्यूरी बैठे, जो पूरे मामले की जांच की करेगी, ताकि पूरी तस्वीर साफ हो।

डिंपल यादव ने कहा कि बात यहां पर चंदे की घपलेबाजी की नहीं है, बल्कि यह जानना भी जरूरी हो जाता है कि जहां पर सरकार मंदिरों में कॉरिडोर का निर्माण करा रही है, कहीं वहां पर भी तो घोटाला नहीं हो रहा। जिन लोगों ने सरकार ने निर्माण के नाम पर जमीन ली है, उन्हें उनकी असली कीमत मिली है की नहीं, आखिर आगे सरकार ने पूरी प्रक्रिया को संपन्न करने के लिए क्या कदम उठाया है, इस बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए। इन्हीं सब स्थिति को देखते हुए जांच जरूरी हो जाती है।

समाजवादी पार्टी की सांसद ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर 27 लाख लोगों के नाम काट दिए गए। हाल ही में जिला कार्यालय की ओर से मतदाता सूची जारी की गई है, जिसमें मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात कही जा रही है। ऐसी स्थिति में यह सवाल उठता है कि आखिर ये नाम कट क्यों हो रहे हैं। इसे लेकर पूरी तस्वीर साफ होनी चाहिए। ऐसे कौन सा सॉफ्टवेटर इन लोगों ने बनाया है, जिसके आधार पर मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। ध्यान देने वाली बात है कि ये लोग चिन्हित करके मतदाताओं के नाम काट रहे हैं, जिसकी वजह से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के आखिरी चुनाव वाले बयान पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आखिरी चुनाव का जिक्र इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि जैसा पश्चिम बंगाल में आग लगने वाली घटनाएं हुईं, अभी शिक्षा मंत्री के कार्यालय में भी आग लग गई। आखिर आग क्यों लग रही है। यह सवाल है? बीजेपी के आगमन के बाद कानून-व्यवस्था की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

वहीं सपा नेता अबू आजमी ने राम मंदिर के दानपात्र में घपलेबाजी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि राम मंदिर के दान में भी घपलेबाजी हो रही है। ऐसे लोगों को चल्लु भर पानी में कूदकर मर जाना चाहिए। भगवान के मंदिर में चोरी हो रही है। यह नकली काम हो रहा है, जो लोग आज राम का नाम लेकर खड़े हैं। ऐसे लोगों को पकड़कर फांसी पर चढ़ा देना चाहिए।

उधर, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भी राम मंदिर के दानपात्र में घपलेबाजी की घटना पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, राम मंदिर के श्रद्धालु लाखों में नहीं, बल्कि करोड़ों में है। दानपात्र में घपलेबाजी की घटना ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचाई है। लिहाजा न्यायालय की देखरेख में जांच होनी चाहिए। यह कोई प्रदेश का मामला नहीं है, बल्कि ये देश के करोड़ों लोगों के आस्था से जुड़ा मामला है। ऐसी स्थिति में उच्चतम न्यायालय के आदेश से ही राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। मेरा कहना है कि उच्चतम न्यायालय की ओर से गठित टीम द्वारा ही राम मंदिर के दानपात्र में घपलेबाजी की जांच हो पाएगी।

एसएचकेवीसी

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश की ‘ग्रेट ग्रीन वॉल’ पहल के लिए केंद्र से मांगी मदद

अमरावती, 16 जून (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मंगलवार को राज्य की 'ग्रेट ग्रीन वॉल' पहल और 1,050 किलोमीटर लंबी तटरेखा...

झारखंड के गुमला में सात वर्षीय बच्चे की हत्या कर जंगल में फेंक दिया शव

गुमला, 16 जून (आईएएनएस)। झारखंड के गुमला जिले के रायडीह थाना क्षेत्र के कासीर जामटोली गांव के पास जंगल से मंगलवार को एक 7...

अभिमत

झारखंड राज्यसभा चुनाव से तय होंगे बड़े राजनीतिक संकेत

झारखंड की राज्यसभा सीटों पर 18 जून को होने वाला चुनाव कांग्रेस की राजनीतिक ताकत, इंडिया गठबंधन की एकता और विपक्षी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विश्वसनीय पत्रकारिता के पुरोधा राधेश्याम अग्रवाल : जिनकी विरासत आज भी रोशन कर रही है मीडिया का मार्ग

अग्रवाल साहब ने केवल एक समाचार पत्र की स्थापना नहीं की, बल्कि उन्होंने इस क्षेत्र में पत्रकारिता की ऐसी मजबूत नींव रखी, जिस पर आगे चलकर पूरे मीडिया उद्योग का विस्तार हुआ।

ज़िद

संपादक की पसंद

जमशेदपुर की साकची जेल बनेगी झारखंड की पहली महिला विशेष कारा, सरकार की मंजूरी का इंतजार

जमशेदपुर : झारखंड में महिला बंदियों के लिए सुरक्षित और बेहतर व्यवस्था विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।...

के. आसिफ : जिनके सपनों ने ‘मुगल-ए-आजम’ को बनाया भारतीय सिनेमा की शान

मुंबई, 13 जून (आईएएनएस)। 14 जून 1922 को इटावा (उत्तर प्रदेश) में जन्मे के. आसिफ (मूल नाम: आसिफ करीम) का पारंपरिक पढ़ाई में मन...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत