September 10, 2026
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सरकार के प्रतिबंध के बाद अब गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध नहीं मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम

सरकार के प्रतिबंध के बाद अब गूगल प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध नहीं मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम

नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की सिफारिशों के बाद परीक्षा संबंधी धोखाधड़ी को रोकने के उद्देश्य से पूरे भारत में मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। सरकारी की तरफ से लगाए गए प्रतिबंध के बाद टेलीग्राम ऐप अब गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध नहीं है। गूगल ने टेलीग्राम को प्ले स्टोर से हटा दिया है, जिससे अब इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड करना संभव नहीं है।

वहीं, सरकार ने यह कदम 21 जून को होने वाली नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले कथित पेपर लीक, गलत सूचना फैलाने और नकल नेटवर्क को रोकने के लिए उठाया है।

एनटीए के एक बयान के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत एक निर्देश जारी किया है, जिसके तहत भारत में टेलीग्राम के उपयोग को 22 जून तक सीमित अवधि के लिए प्रतिबंधित किया गया है। यह प्रतिबंध परीक्षा के दिन और उसके तुरंत बाद तक लागू रहेगा।

इसके अतिरिक्त, टेलीग्राम को भारत में 30 जून तक अपने मैसेज एडिटिंग फीचर को निष्क्रिय करने का निर्देश दिया गया है।

एनटीए ने कहा कि ये दोनों उपाय जनव्यवस्था बनाए रखने और उन संगठित धोखाधड़ी गिरोहों पर अंकुश लगाने के लिए लागू किए गए हैं, जिन्होंने कथित तौर पर इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पुनर्परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों को ठगने के लिए किया था। एजेंसी ने निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समय पर हस्तक्षेप करने के लिए इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) का आभार व्यक्त किया।

एजेंसी ने गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी) की भूमिका पर भी प्रकाश डाला, जिसने नीट उम्मीदवारों को निशाना बनाकर टेलीग्राम आधारित धोखाधड़ी और गलत सूचनाओं के खिलाफ समन्वित प्रयास किए हैं।

एजेंसी ने आरोप लगाया कि ‘पेपर लीक्ड नीट’, ‘री-नीट 2026’, ‘प्राइवेट माफिया’ और इसी तरह के नामों से संचालित कई टेलीग्राम चैनल परीक्षा प्रश्नपत्र तक पहुंच दिलाने के बदले में कुछ हजार रुपए से लेकर कई लाख रुपए तक की रकम की मांग कर रहे थे। राष्ट्रीय शिक्षा एजेंसी (एनटीए) ने दोहराया कि कोई भी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है और चेतावनी दी कि प्रश्नपत्रों तक अग्रिम पहुंच दिलाने के सभी दावे फर्जी हैं।

एमएस

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