दिसंबर तक 950 टोल प्लाजा होंगे बैरियर फ्री
सीट बेल्ट और मोबाइल इस्तेमाल पर कटेगा ऑटो ई-चालान
एक्सप्रेस-वे पर 1700 जगह मोबाइल नेटवर्क की समस्या
हादसे की स्थिति में 10 मिनट में पहुंचेगी एंबुलेंस
नई दिल्ली : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने सोमवार को दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा को बैरियर फ्री सिस्टम से जोड़ते हुए घोषणा की कि दिसंबर 2026 तक देश के चार और उससे अधिक लेन वाले करीब 950 टोल प्लाजा को इसी तकनीक से लैस कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से हर साल लगभग 285 करोड़ रुपये की बचत होगी और करीब 81 हजार टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
नितिन गडकरी ने बताया कि यह दुनिया की बेहतरीन तकनीकों में से एक है, जिससे टोल पर वाहनों की लंबी कतारें खत्म होंगी और सफर अधिक सुगम बनेगा। इसके साथ ही हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक कैमरे और एआई आधारित निगरानी प्रणाली भी लगाई जा रही है।
अब अगर कोई चालक गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट नहीं लगाएगा या मोबाइल फोन पर बात करते हुए पकड़ा जाएगा तो कैमरे उसकी तस्वीर रिकॉर्ड कर सीधे ई-चालान जारी करेंगे। कार की फ्रंट सीट पर बैठे दूसरे यात्री के सीट बेल्ट नहीं लगाने पर भी कार्रवाई होगी। इसके अलावा अन्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भी स्वत: ई-चालान भेजा जाएगा।
इधर, देशभर के एक्सप्रेस-वे पर मोबाइल नेटवर्क की समस्या भी सामने आई है। एनएचएआई के सर्वे में 1700 से अधिक ऐसे स्पॉट मिले हैं, जहां यात्रा के दौरान मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह गायब हो जाता है। कई जगहों पर पांच से आठ किलोमीटर तक फोन कॉल और इंटरनेट सेवा बाधित रहती है।
एनएचएआई चेयरमैन Santosh Kumar Yadav ने कहा कि हाईवे पर नेटवर्क नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है। इस समस्या के समाधान के लिए दूरसंचार मंत्रालय और ट्राई के साथ मिलकर काम किया जा रहा है, ताकि एक्सप्रेस-वे पर बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा सके।
इसके अलावा एनएचएआई एक्सप्रेस-वे पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को भी मजबूत कर रहा है। वर्तमान में दुर्घटना होने पर एंबुलेंस को मौके तक पहुंचने में औसतन 15 मिनट लगते हैं। इसे घटाकर 10 मिनट करने की योजना पर काम चल रहा है। इसके लिए हाईवे पर तय दूरी पर एंबुलेंस तैनात करने की तैयारी की जा रही है, ताकि किसी भी हादसे की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू हो सके।
