30 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, उड़ान अवधि से तय होगा विजेता
मुख्य बिंदु:
- कबूतरबाजी प्रतियोगिता में 30 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी
- शाम 7 बजे तक उड़ने वाला कबूतर बनेगा विजेता
- विजेता को ₹50 हजार नकद पुरस्कार मिलेगा
जमशेदपुर – शहर में आयोजित कबूतरबाजी प्रतियोगिता ने पारंपरिक खेलों को फिर जीवंत किया, जिसमें विजेता के लिए ₹50 हजार इनाम रखा गया।
शहर में पारंपरिक कबूतरबाजी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे।
हालांकि सुबह से ही प्रतिभागियों का उत्साह देखने को मिला।
कबूतर बाज क्लब ने इस आयोजन की जिम्मेदारी संभाली। इसमें 30 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
दूसरी ओर सभी प्रतिभागी अपने प्रशिक्षित कबूतरों के साथ पहुंचे।
सुबह प्रतियोगिता की शुरुआत हुई। कबूतरों को खुले आसमान में उड़ाया गया।
हालांकि उनकी उड़ान की अवधि को ही जीत का आधार बनाया गया।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि नियम काफी अलग हैं। शाम 7 बजे तक उड़ने वाला विजेता होगा।
हालांकि ₹50 हजार नकद पुरस्कार तय किया गया है।
उधर शाम 6 बजे लौटने वाला दूसरा स्थान पाएगा। वहीं 5 बजे लौटने वाला तीसरे स्थान पर रहेगा।
हालांकि इससे प्रतियोगिता में रोमांच बना रहा।
प्रतिभागियों ने बताया कि कबूतर विशेष प्रशिक्षण से गुजरते हैं। वे लंबी दूरी तक उड़ सकते हैं।
दूसरी ओर वे अपने मालिक के पास वापस लौटते हैं।
उन्होंने बताया कि यह परंपरा काफी पुरानी है। पहले संदेश भेजने के लिए कबूतरों का उपयोग होता था।
हालांकि राजा-महाराजा भी इसका उपयोग करते थे।
आज तकनीक ने संचार बदल दिया है। लेकिन यह शौक अब भी जीवित है।
दूसरी ओर लोग इसे सांस्कृतिक विरासत मानते हैं।
कबूतरों की देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्हें पौष्टिक आहार दिया जाता है।
हालांकि धान के साथ बादाम भी खिलाया जाता है।
यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं है। यह परंपरा को बचाने का प्रयास है।
दूसरी ओर इससे युवाओं में भी रुचि बढ़ रही है।



