नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए बड़ा बदलाव करने की तैयारी की है। नए नियम के तहत अब छात्रों को मैथ्स और साइंस विषय दो अलग-अलग स्तरों पर पढ़ने का विकल्प मिलेगा।
क्या है नया बदलाव?
अब छात्रों को दो स्तर मिलेंगे:
- सामान्य (कॉमन) स्तर:
यह सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा और पहले की तरह ही पढ़ाया जाएगा। - एडवांस्ड स्तर:
यह वैकल्पिक होगा, जिसे वे छात्र चुन सकते हैं जो इन विषयों में गहराई से पढ़ाई करना चाहते हैं या भविष्य में इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
परीक्षा पैटर्न में बदलाव
- सभी छात्रों के लिए 80 अंकों की 3 घंटे की परीक्षा होगी (कॉमन स्तर पर आधारित)
- एडवांस्ड चुनने वाले छात्रों के लिए:
- 25 अंकों का अतिरिक्त 1 घंटे का पेपर
- यह पेपर HOTS (Higher Order Thinking Skills) पर आधारित होगा
- इसके अंक मार्कशीट में अलग से दिखेंगे
कब से लागू होगा?
- कक्षा 10 में एडवांस्ड लेवल का अतिरिक्त एग्जाम 2028 से शुरू होगा
- अगर छात्र 50% या उससे अधिक अंक लाते हैं, तो इसे “Qualified” के रूप में दर्शाया जाएगा
- कम अंक आने पर मार्कशीट में इसका कोई उल्लेख नहीं होगा — यानी कोई नुकसान नहीं
नए विषय भी होंगे शामिल
CBSE ने अपने करिकुलम में कई आधुनिक और स्किल-आधारित विषय जोड़े हैं:
- कंप्यूटेशनल थिंकिंग (CT)
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- वोकेशनल एजुकेशन
- आर्ट और फिजिकल एजुकेशन
AI और CT को 2029 से बोर्ड परीक्षा में अनिवार्य किया जाएगा।
बदलाव का उद्देश्य
- छात्रों को टेक्नोलॉजी और स्किल-आधारित शिक्षा से जोड़ना
- पढ़ाई में दोहराव कम करना
- छात्रों को करियर-रेडी और मल्टी-स्किल्ड बनाना
- एकेडमिक और ऑप्शनल विषयों के बीच बेहतर संतुलन बनाना
“संभव है कि माता-पिता बच्चों को एडवांस्ड स्तर चुनने के लिए कहें, लेकिन इससे बच्चों को अपनी क्षमता पहचानने का मौका मिलेगा। हम छात्रों पर दबाव नहीं डालना चाहते—वे चाहें तो दोनों में से कोई एक या दोनों विषयों में एडवांस्ड ले सकते हैं।”
— राहुल सिंह, चेयरमैन CBSE
