पटमदा: पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम प्रखंड के मिर्जाडीह गांव में तालाब और सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों और झारखंड मानवाधिकार संघ ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार से संघ की ओर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद तालाब में मिट्टी भराई का काम धड़ल्ले से जारी है।
झारखंड मानवाधिकार संघ के कोल्हान प्रमंडल प्रभारी राधाकृष्ण सिंह मुंडा ने बताया कि 5 मई 2026 को उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम को आवेदन देकर मिर्जाडीह स्थित तालाब और सार्वजनिक रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी। उपायुक्त के निर्देश पर अपर उपायुक्त ने बोड़ाम अंचल कार्यालय को आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश भी दिया था, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाने की जगह तालाब को मिट्टी से भरने का काम शुरू कर दिया गया।
सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत संघ के 10-12 कार्यकर्ता धरना स्थल पहुंचे तो वहां जेसीबी और ट्रैक्टर की सहायता से मिट्टी भराई का कार्य जारी मिला। ग्रामीणों के अनुसार, यह काम पिछले लगभग एक सप्ताह से लगातार चल रहा था।
राधाकृष्ण सिंह मुंडा ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद भी तालाब भराई का कार्य जारी रहना प्रशासनिक लापरवाही और संलिप्तता की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य के जलस्रोतों और तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कर पुनर्जीवित करने की बात कर रहे हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर भू-माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है।
संघ का आरोप है कि मिर्जाडीह मौजा के खाता संख्या-38 स्थित तालाब और सार्वजनिक रास्ते पर आनंद विहार पी एंड डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड के संचालक सी.एल. अग्रवाल द्वारा पिछले 17-18 वर्षों से कथित रूप से अतिक्रमण किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तालाब का उपयोग वर्षों से स्नान और मवेशियों को पानी पिलाने के लिए किया जाता रहा है।
धरना पर बैठे ग्रामीणों और संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक तालाब और सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच मौके पर पहुंची बोड़ाम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी मशीन और एक ट्रैक्टर को जब्त कर लिया।
धरना कार्यक्रम में झारखंड मानवाधिकार संघ के कोल्हान प्रभारी राधाकृष्ण सिंह मुंडा, आदिवासी भूमिज मुंडा युवा एकता मंच के अध्यक्ष अमर सिंह सरदार, सह कोषाध्यक्ष राधेश्याम सिंह सरदार, भक्तरंजन भूमिज, चंद्रमोहन सिंह, कालीराम सिंह, निरोदा सिंह, महावीर हांसदा, शंभू सिंह, गोविन सिंह मुंडा, भजहरि सिंह और किंकर सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

