EPFO Claim Settlement : अप्रैल 2026 से यूपीआई के जरिए भविष्य निधि से पैसे निकाल सकेंगे कर्मचारी

नई दिल्ली : जी हां, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अंशधारक अप्रैल 2026 तक यूपीआई के जरिए अपनी भविष्य निधि से निकासी कर सकेंगे और वह राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच जाएगी।

ईपीएफओ के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इस योजना में सदस्यों का कुछ हिस्सा न्यूनतम राशि के रूप में सुरक्षित रहेगा, जबकि शेष राशि सीधे उनके बैंक खाते में स्थानांतरित की जा सकेगी।

ईपीएफओ सदस्य अपनी कर्मचारी भविष्य निधि से यूपीआई पिन के माध्यम से सुरक्षित लेनदेन कर सकेंगे। धनराशि बैंक खाते में आने के बाद इलेक्ट्रॉनिक भुगतान, एटीएम या डेबिट कार्ड से इस्तेमाल की जा सकेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन इस प्रणाली के सुचारू कार्यान्वयन के लिए सॉफ्टवेयर संबंधी खामियों को दूर करने का प्रयास कर रहा है।

फिलहाल ईपीएफओ सदस्यों को भविष्य निधि से निकासी के लिए आवेदन करना पड़ता है, जो समय लेने वाली प्रक्रिया है। स्वचालित निपटान प्रक्रिया के तहत आवेदन देने के तीन दिन के भीतर धनराशि खाते में आती है। इस तरीके से निकासी की सीमा पहले एक लाख रुपये थी लेकिन उसे बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। इससे सदस्य बीमारी, शिक्षा, विवाह और घर खरीद जैसी जरूरतों के लिए तीन दिन के भीतर ही वित्तीय सहायता पा सकेंगे।

ईपीएफओ ने कोविड-19 महामारी के दौरान वित्तीय संकट से जूझ रहे लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए अग्रिम दावों के ऑनलाइन स्व-निपटान की शुरुआत की थी। हालांकि, ईपीएफ से निकासी के लिए सभी अंशधारकों को दावा दाखिल करना पड़ता है।


ज्यादा वक्त लगने वाली प्रक्रिया से बचने और ईपीएफओ पर बोझ कम करने के लिए नई प्रणाली विकसित की जा रही है। इसका कारण हर साल पांच करोड़ से अधिक दावे निपटाए जाते हैं। इनमें से ज्यादातर ईपीएफ निकासी के लिए होते हैं। ईपीएफओ अपने सदस्यों को सीधे ईपीएफ खातों से पैसे निकालने की अनुमति नहीं दे सकता क्योंकि उसके पास कोई बैंकिंग लाइसेंस नहीं है।

अक्टूबर, 2025 में ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल ने ईपीएफ से आंशिक निकासी के प्रावधानों को सरल और लचीला बनाने को मंजूरी दी थी। इसमें 13 जटिल प्रावधानों को तीन श्रेणियों- आवश्यक जरूरतों (बीमारी, शिक्षा एवं शादी), आवासीय जरूरतों और विशेष परिस्थितियों में समाहित कर दिया गया है। अब सदस्य अपनी भविष्य निधि से निकासी के लिए पात्र राशि का 100 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे, जबकि 25 प्रतिशत न्यूनतम राशि सुरक्षित रहेगी ताकि अंशधारक को उच्च ब्याज दर (वर्तमान में 8.25 प्रतिशत) और चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलना जारी रहे।

ईपीएफओ का मकसद इस सुधार से सदस्यों के लिए आसान, तेज और सुरक्षित ईपीएफ निकासी को सुनिश्चित करना है। यह पहल लगभग आठ करोड़ अंशधारकों के लिए लाभकारी होगी और ईपीएफओ के संचालन बोझ को भी कम करेगी। सरकार को उम्मीद है कि किसी दस्तावेज की जरूरत के बगैर और स्वचालित-निपटान वाली यह योजना कर्मचारियों के जीवन को सरल बनाएगी।

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

एक्सएलआरआई ऑडिटोरियम में आरएमएस हाई स्कूल, सोनारी के सिल्वर जुबली पर भव्य समारोह

जमशेदपुर : आरएमएस हाई स्कूल, खुंटाडीह (सोनारी) ने अपने शैक्षणिक क्षेत्र में 25 वर्ष (सिल्वर जुबली) की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने हेतु एक्सएलआरआई ऑडिटोरियम...

पंचगव्य चिकित्सा और सुरक्षित जीवनशैली पर जोर, जमशेदपुर के बेल्डीह क्लब में 6 अप्रैल को होगा विशेष कार्यक्रम

जमशेदपुर : पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पंचगव्य चिकित्सा और सुरक्षित खाद्य (सेफ फूड)...

अभिमत

ज़िद

ज़िद है आगे बढ़ने की,सबको पीछे छोड़करनया इतिहास गढ़ने की। ज़िद है मज़बूत बनने की,हर मुश्किल का सामना करने की,गिरकर भी हौसला बनाए रखने की। ज़िद...

जमशेदपुर में विंटर फेस्ट के तहत “जैम एट स्ट्रीट” बना आकर्षण का केंद्र, कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर खूब वाहवाही बटोरी

जमशेदपुर : जमशेदपुर के विंटर फेस्ट के तहत "जैम एट स्ट्रीट" (Jam@Street) एक बड़ा आकर्षण बना, जहाँ बिस्टुपुर की सड़कों पर संगीत, नृत्य, योग,...

संपादक की पसंद

जमशेदपुर पहुंचे झारखंड के मुख्य न्यायाधीश का जमशेदपुर में भव्य स्वागत

जमशेदपुर : जमशेदपुर आगमन पर झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री महेश शरदचंद्र सोनक का जिला प्रशासन की ओर से...

सरायकेला में गृह रक्षकों के नामांकन के लिए शारीरिक दक्षता व लिखित परीक्षा

दौड़ प्रतियोगिता में 320 महिला एवं 185 पुरुष अभ्यर्थी सफल घोषित, अंतिम मेधा सूची परीक्षा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद प्रकाशित की जाएगी सरायकेला...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत