जमशेदपुर। भारत सरकार की महारत्न कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड ने प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा परियोजना के अंतर्गत पूर्वी सिंहभूम में शहरी गैस वितरण परियोजना के तहत टाटा स्टील लिमिटेड के साथ बड़ा समझौता किया है।
इस एग्रीमेंट के तहत टाटा स्टील के कंबी मिल प्लांट को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाएगी।
समझौते पर गेल के जनरल मैनेजर एवं जीए इन-चार्ज गौरी शंकर मिश्रा और टाटा स्टील के चीफ प्रोक्योरमेंट ऑफिसर रंजन कुमार सिन्हा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों कंपनियों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
गेल मार्च 2026 तक प्रतिदिन 31,000 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एससीएमडी) प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करेगा, जिसे बाद में बढ़ाकर 43,000 एससीएमडी किया जाएगा।
सप्लाई की शुरुआत सितंबर अंत तक हो जाएगी। यह गेल सीजीडी का अब तक का सबसे बड़ा औद्योगिक गैस आपूर्ति अनुबंध है।
कंबी मिल को जोड़ने के लिए गेल ने 23 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई है, जो सोनारी–मानगो–गोलमुरी–गोल्फकोर्स रोड–टिन प्लेट–ISWP–लेबर ब्यूरो–टेल्को–नुवोको होकर गुजरती है।
इस रूट से 10 से अधिक उद्योगों को 2 लाख एससीएम से अधिक गैस उपलब्ध कराने की क्षमता तैयार की गई है। साथ ही, इस क्षेत्र में सीएनजी स्टेशन एवं डीआरएस लगाकर घरों और होटलों में भी पीएनजी आपूर्ति की योजना है।
वर्तमान में जमशेदपुर में 6000 से अधिक घरों, 53 होटलों और 14 सीएनजी स्टेशनों से रोजाना 15,000 किलोग्राम से अधिक गैस की आपूर्ति हो रही है, जिससे शहर के पर्यावरण एवं स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव आया है।
गेल के जीएम गौरी शंकर मिश्रा ने कहा कि टाटा स्टील के साथ यह सहयोग औद्योगिक क्षेत्र को किफायती, पर्यावरण-अनुकूल और सुविधाजनक ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही अन्य उद्योगों को भी जोड़ा जाएगा, जिससे पूर्वी सिंहभूम इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में नेचुरल गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि पीएनजी और सीएनजी का अधिक से अधिक उपयोग करें तथा पाइपलाइन के आसपास खुदाई जैसी गतिविधियों की स्थिति में तुरंत गेल के नंबर 8987670901 पर सूचना दें, ताकि गैस आपूर्ति सुरक्षित और निर्बाध बनी रहे।
यह समझौता स्टील उत्पादन के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने और टाटा स्टील की मैन्युफैक्चरिंग को विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेगा। साथ ही, यह साझेदारी सस्टेनेबल एनर्जी गोल्स की दिशा में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है।
