जमशेदपुर : केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवं स्वतंत्र फेडरेशनों की देशव्यापी हड़ताल अब 9 जुलाई को होगी। पहलगाम घटना को देखते हुए ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच द्वारा 20 मई को प्रस्तावित श्रमिकों की राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को स्थगित कर दिया गया केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी फेडरेशन के संयुक्त मंच द्वारा केंद्र सरकार से राष्ट्रीय स्तर की 17 सूत्री मांगों और राज्य स्तरीय विशिष्ट मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया गया था, जिसका समर्थन संयुक्त किसान मोर्चा ने किया है।
विदित हो कि 18 मार्च 2025 हड़ताल की घोषणा के बाद से अब तक 17 सूत्री मांगों को लेकर मजदूरों के बीच सघन प्रचार-प्रसार एवं जन सम्पर्क कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसमें प्रमुख मांग मजदूरों के अधिकार और सुरक्षा को छिनने वाली चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने की है, जिन्हें सितम्बर 2020 में संसद में अलोकतांत्रिक तरीके से पारित कर दिया गया था। हालांकि मजदूरों के लगातार प्रतिरोध के कारण अब तक इसे लागू नहीं किया जा सका, लेकिन केन्द्र सरकार के इशारे पर और कॉरपोरेट के दबाव में विभिन्न राज्य सरकारें इसके प्रावधानों को पिछले दरवाजे से लागू करने का प्रयास कर रही हैं और केन्द्र सरकार मजदूरों के लगातार विरोध को नजरअंदाज कर इसे अधिसूचित करने पर तुली हुई है।
