सरायकेला : बस स्टैंड स्थित रानी पद्मावती कन्या उच्च विद्यालय में शुक्रवार को कुछ शरारती बच्चों द्वारा जमकर उत्पात मचाए जाने का मामला सामने आया है।
शनिवार को विद्यालय पहुंचे प्रधानाध्यापक राजकिशोर गुप्ता ने देखा कि स्कूल का मुख्य प्रवेश द्वार क्षतिग्रस्त है और परिसर की कई दीवारों व अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है।
मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें 6-7 नाबालिग बच्चों के उपद्रव करते हुए दिखाई देने की बात सामने आई है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, उपद्रवियों ने मुख्य गेट तोड़कर परिसर में प्रवेश किया और वहां रखी विभिन्न सामग्रियों को नुकसान पहुंचाया।
हालांकि, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) से संबंधित सभी बर्तन स्टोर रूम में सुरक्षित रखे गए थे, जिसके कारण बड़ी चोरी की घटना टल गई।
दीवारों पर फेंके पत्थर, किचन की खिड़की तोड़कर घुसे
जानकारी के मुताबिक, स्कूल के सभी कमरों में ताला लगा होने के कारण बच्चे अंदर प्रवेश नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने कमरों की दीवारों पर पत्थर फेंककर नुकसान पहुंचाया। परिसर में रखे अन्य सामानों को भी क्षति पहुंचाई गई।
बाद में उन्होंने रसोईघर की खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया और सामान चुराने का प्रयास किया। लेकिन कीमती सामान, बर्तन या खाद्यान्न नहीं मिलने पर वे केवल मसालों के कुछ पैकेट लेकर फरार हो गए।
एमडीएम के बर्तन सुरक्षित रहने से टला बड़ा नुकसान
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि मध्याह्न भोजन तैयार करने के बाद सभी बर्तनों को प्रतिदिन सुरक्षित रूप से स्टोर रूम में बंद कर दिया जाता है। इसी सतर्कता के कारण बर्तनों की चोरी नहीं हो सकी और विद्यालय को बड़े आर्थिक नुकसान से बचाया जा सका।
कम ऊंचाई वाली बाउंड्री का उठा रहे फायदा

प्रधानाध्यापक राजकिशोर गुप्ता ने बताया कि विद्यालय की बाउंड्री वॉल की ऊंचाई कम होने के कारण रात के समय असामाजिक तत्व परिसर में आसानी से प्रवेश कर जाते हैं। कई बार स्कूल खुलने पर दूसरी मंजिल के बरामदे में शराब की खाली बोतलें पड़ी मिली हैं।
उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर विद्यालय प्रबंधन की ओर से नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी को भी शिकायत की गई है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है।
