डीएवी बिष्टुपुर में तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम में शामिल हुए 285 शिक्षक

नई सीख को कक्षा में लागू करने की अपील, झारखंड जोन-ई के सात स्कूलों के शिक्षक हुए शामिल

जमशेदपुर : डीएवी पब्लिक स्कूल, बिष्टुपुर में 16 से 18 जून तक झारखंड जोन-ई के शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम (कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम) का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अनिवार्य पांच दिवसीय डीएवी सीएई प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया, जिसमें सात डीएवी स्कूलों के कुल 285 शिक्षकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में डीएवी सिजुआ, सिंदरी, मुगमा, बहरागोड़ा, महुदा, खलारी और डीएवी पब्लिक स्कूल, बिष्टुपुर के शिक्षकों ने हिस्सा लिया। विभिन्न विषयों के लिए आयोजित सत्रों का संचालन प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में अंग्रेजी, हिंदी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, वाणिज्य, कंप्यूटर विज्ञान, कला, संगीत, नृत्य और खेल विषयों को शामिल किया गया।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डीएवी पब्लिक स्कूल, बिष्टुपुर की एआरओ-सह-प्राचार्य प्रज्ञा सिंह ने शिक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई रणनीतियों और गतिविधियों को कक्षा शिक्षण में लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रत्येक अध्याय के मूलभूत सिद्धांतों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों की समझ और सीखने के परिणाम बेहतर होंगे।

तीन दिनों तक चले प्रशिक्षण के दौरान संसाधन व्यक्तियों ने नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों, अनुभवात्मक शिक्षा, दक्षता-आधारित शिक्षण, आलोचनात्मक चिंतन और समस्या समाधान कौशल पर विस्तृत सत्र लिए। शिक्षकों ने नवीनतम पाठ्यक्रम संशोधनों पर चर्चा की तथा विभिन्न डीएवी विद्यालयों में अपनाई जा रही प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को साझा किया।

कार्यक्रम के दूसरे दिन चिंतनशील अधिगम (रिफ्लेक्टिव लर्निंग) और कौशल-आधारित शिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया, जबकि अंतिम दिन अंतर्विषयक शिक्षा (इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग) और दक्षता-आधारित मूल्यांकन की व्यावहारिक रणनीतियों पर चर्चा हुई। प्राथमिक से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक के शिक्षकों के लिए आयोजित इन सत्रों का उद्देश्य विद्यार्थियों को सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना था।

गुरुवार को फीडबैक और अनुभव साझा करने के सत्रों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रतिभागियों ने इसे शैक्षणिक रूप से समृद्ध और व्यावसायिक विकास के लिए उपयोगी बताया, जबकि आयोजकों ने शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी को कार्यक्रम की सफलता का प्रमुख आधार बताया।

Capacity Building : क्षमता निर्माण किसी व्यक्ति या संगठन के कौशल, ज्ञान, और कार्यप्रणाली को विकसित और मजबूत करने की एक सतत प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य उनकी दक्षता को बढ़ाना है ताकि वे तेजी से बदलती परिस्थितियों में अपने लक्ष्यों को प्रभावी और स्थायी रूप से प्राप्त कर सकें।

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