September 8, 2026
टाउन पोस्ट
सच्ची खबर, सही समय पर
हिंदी

संजय राउत के बड़बोलेपन से हुआ शिवसेना (यूबीटी) का 70 प्रतिशत नाश: संजय झा

संजय राउत के बड़बोलेपन से हुआ शिवसेना (यूबीटी) का 70 प्रतिशत नाश: संजय झा

पटना, 19 जून (आईएएनएस)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बिहार दौरे के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इसे स्वागतयोग्य कदम बताते हुए बिहार में रेलवे नेटवर्क के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि रेल मंत्री इस दौरान छपरा जंक्शन पर नई रेल परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे।

संजय झा ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज की तारीख में राज्यभर में रेल नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है। हमें सुदूर क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। इस संबंध में हमने पूरा खाका तैयार कर लिया है। पहले सिर्फ रेल नेटवर्क के संबंध में पूरे सिर्फ कागजों पर ही योजनाओं को तैयार किया जाता था। उसे जमीन पर नहीं उतारा जाता था, लेकिन, आज की तारीख में रेल नेटवर्क को बढ़ाने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है।

जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष के मुताबिक, केंद्र सरकार ने देशभर में रेल नेटवर्क को विस्तार देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने कई तरह की रेल परियोजनाओं की भी शुरुआत की है, जिसमें अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन सबसे प्रमुख है। मुझे लगता है कि आगामी पांच साल में रेलवे से जुड़ी हुई कई परियोजनाओं की शुरुआत होगी। रेलवे यातायात का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसी स्थिति में इस पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।

इसके अलावा, उन्होंने विपक्ष की दुर्दशा पर भी प्रकाश डाला। उनके मुताबिक, कल झारखंड में राज्यसभा के चुनाव हुए थे। ऐसी स्थिति में मेरा एक ही सवाल है कि आखिर कहां पर है इंडिया गठबंधन के नेता? अब इनकी स्थिति ऐसी हो चुकी है कि इस गठबंधन की अगुवाई करने वाला कोई नहीं बचा है, जो इस गठबंधन की अगुवाई करने वाले थे, आज उनकी स्थिति कैसी बनी हुई है, यह बात किसी से छुपी नहीं है। इंडिया गठबंधन शामिल हुए सभी दलों के नेता देशहित के लिए नहीं, बल्कि निजी हित के लिए एकत्रित हुए थे। इन लोगों को देशहित से कोई लेना देना नहीं था।

आज हम मोदी सरकार के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने के मौके पर उत्सव मना रहे हैं। आज किस राज्य की स्थिति कैसी है, यह बात किसी से छुपी नहीं है। एक स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिए विपक्ष का होना जरूरी है, लेकिन, जिस तरह से इंडिया गठबंधन में शामिल सभी दलों के नेता सिर्फ अपने हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं, उसे देखते हुए अब लोगों का भरोसा इन लोगों पर से खत्म हो चुका है।

उन्होंने कहा कि आज की तारीख में आप टीएमसी की स्थिति देख लीजिए या आप अगर उद्धव ठाकरे की बात कर रहे हैं, तो उनकी ही स्थिति देख लीजिए। इनकी दुर्दशा किसी से छुपी नहीं है। मैंने खुद इंडिया गठबंधन को करीब से देखा है। इन लोगों को देशहित से कोई लेना देना नहीं है। मुझे लगता है कि आगामी दिनों में स्थिति और ज्यादा बिगड़ जाएगी। स्थिति ऐसी हो चुकी है कि विपक्ष के पास आज की तारीख में कोई मुद्दा नहीं है। इनके पास सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

इसके अलावा, संजय झा ने रौशन आनंद के साथ हुई अपनी मुलाकात पर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, अध्यापकों के बीच चल रहे विवाद के समाधान की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। रौशन आनंद मुझसे मिलने आए थे। इसके बाद वो एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे। पटना में यह स्थिति ठीक नहीं है। मैं मीडिया के सामने यही कहना चाहूंगा कि जो भी गलत है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस ने अब गोली चलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। ऐसी स्थिति में आपको पुलिस का भी धन्यवाद करना चाहिए। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज खंगालकर गोली चलाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है। इस सरकार पुलिस प्रशासन में दो पक्षों की बात सुनी जाती है। कोई भी फैसला एकपक्ष होकर नहीं लिया जाएगा। एनडीए के 20 साल के शासनकाल में आप मुझे एक ऐसे बड़े आदमी के बारे में बता दीजिए, जिसे पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा प्रदान की जाती थी। नीतीश कुमार ने खुद प्रेसवार्ता में कहा था कि हमारा सबसे पहला काम प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना है। हम कानून का राज स्थापित करने की दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं कर पाएंगे। उन्होंने अपने शासनकाल में इस कथन को चरितार्थ करके भी दिखाया।

साथ ही, उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) का 70 प्रतिशत नाश अगर किसी ने किया है, तो संजय राउत हैं। इनके बड़बोलेपन में पार्टी का नाश करके रख दिया है। इनको ऐसा लगता है कि जो भी ये बोलते हैं, वो ठीक ही होता है। हालांकि इस तरह की समस्या कई लोगों के साथ है। अब आप शिवसेना (यूबीटी) की बात कर लीजिए। अगर आज की तारीख में इनके पार्टी के नेता अपने दल को छोड़कर जा रहे हैं, तो जरूर इन लोगों ने कुछ न कुछ खामियां अपनी पार्टी में देखी होंगी, इसलिए ये लोग जा रहे हैं। आज की तारीख में शिवसेना (यूबीटी) की स्थिति कैसी बनी हुई है। यह बात किसी से छुपी नहीं है, हालांकि थोड़ा बहुत अस्तित्व इस पार्टी का बचा हुआ था लेकिन अफसोस की बात है कि संजय राउत की वजह से वो भी खत्म हो गया।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की स्थिति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हार जीत होती रहती है, लेकिन, इसका मतलब यह नहीं हो जाता है कि हारने के बाद आप उस पार्टी की पूरी रूपरेखा बिगाड़ देंगे। आपको लोकतंत्र में हार जीत स्वीकार करनी होगी। हम लोग भी पार्टी चलाते हैं। हमें पता है कि पूरी स्थिति को कैसे नियंत्रित किया जाता है, लेकिन अफसोस की बता है कि ये लोग पार्टी नहीं, बल्कि उद्योग चला रहे हैं। ये लोग परिवारवादी पार्टियां हैं, जिन्हें अपने ही परिवार की हितों की चिंता हैं। इन्हें पार्टी से भी कोई लेना देना नहीं है। आगामी दिनों में सभी परिवारवादी पार्टियों का बुरा हाल होने वाला है।

एसएचकेवीसी

न्यूज़लेटर

हर सुबह की बड़ी खबरें, सीधे आपके इनबॉक्स में

टाउन पोस्ट का न्यूज़लेटर सब्सक्राइब करें — कोई स्पैम नहीं, बस ज़रूरी खबरें।

हम आपकी जानकारी को सुरक्षित रखते हैं। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।

धन्यवाद! कृपया सब्सक्रिप्शन की पुष्टि के लिए अपना ईमेल जांचें।

हमें फॉलो करें

ताज़ा खबरों और अपडेट के लिए हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें।

Feel like reacting? Express your views here!

Discover more from Town Post

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading