जमशेदपुर। देश में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने की दिशा में टाटा पावर सोलर रूफ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) की इकाई टाटा पावर सोलर रूफ ने देशभर में 5 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे कर लिए हैं। कंपनी के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक कुल 5,19,673 रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं। इसके साथ ही कंपनी की बाजार हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत हो गई है।
कंपनी ने वर्ष 2029 तक 30 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन का लक्ष्य निर्धारित किया है। आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में सौर ऊर्जा की बढ़ती मांग के बीच इस उपलब्धि को देश में विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
लगातार 12 वर्षों से नंबर-1 रूफटॉप सोलर कंपनी
टाटा पावर सोलर रूफ ने रूफटॉप सोलर क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी है। कंपनी के अनुसार, क्रिसिल ने उसे लगातार 12 वर्षों तक भारत का नंबर-1 रूफटॉप सोलर प्लेयर माना है। यह उपलब्धि कंपनी के व्यापक नेटवर्क, इंस्टॉलेशन क्षमता और लंबे समय से बाजार में मौजूदगी को दर्शाती है।
रूफटॉप सोलर के जरिए बिजली खर्च कम करने और ऊर्जा की उपलब्धता को मजबूत करने की दिशा में कंपनी देशभर में अपना नेटवर्क लगातार बढ़ा रही है। वर्तमान में कंपनी के साथ 700 से अधिक चैनल पार्टनर और 250 से अधिक अधिकृत सर्विस पार्टनर जुड़े हैं। इनके माध्यम से ग्राहकों को सलाह, सिस्टम डिजाइन, इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और बिक्री के बाद की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
‘क्वालिटी लाइफलॉन्ग’ के तहत वारंटी और सर्विस पर जोर
टाटा पावर सोलर रूफ अपने ‘क्वालिटी लाइफलॉन्ग’ वादे के तहत उच्च दक्षता वाले सोलर मॉड्यूल के साथ वारंटी, फाइनेंसिंग, बीमा और सर्विस सपोर्ट उपलब्ध कराता है।
कंपनी के सोलर मॉड्यूल पर 25 से 30 वर्ष तक की परफॉर्मेंस वारंटी दी जाती है, जबकि पूरे सिस्टम पर कम से कम पांच वर्ष की वारंटी उपलब्ध है। कंपनी के मुताबिक, ग्राहक सेवा अनुरोध मिलने के बाद शुरुआती प्रतिक्रिया दो घंटे के भीतर और समाधान 48 घंटे के भीतर देने का लक्ष्य रखा गया है।
‘घर घर सोलर’ से रूफटॉप सोलर को बढ़ावा
टाटा पावर सोलर रूफ ने केंद्र सरकार की रूफटॉप सोलर योजनाओं को गति देने के लिए ‘घर घर सोलर’ पहल शुरू की है। यह पहल प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के उद्देश्यों के अनुरूप है।
वर्ष 2024 में शुरू की गई यह पहल अब 11 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश तक पहुंच चुकी है। इसमें ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और बिहार शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, इन क्षेत्रों में यह पहल कुल मिलाकर 90 करोड़ से अधिक आबादी तक पहुंच बना रही है।
अभियानों, जमीनी स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों और रूफटॉप सोलर की आसान उपलब्धता के जरिए लोगों को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों की जानकारी दी जा रही है।
जीरो डाउन पेमेंट तक की फाइनेंसिंग सुविधा
रूफटॉप सोलर की शुरुआती लागत को कम करने के लिए कंपनी प्रमुख बैंकों और एनबीएफसी के साथ मिलकर फाइनेंसिंग विकल्प उपलब्ध करा रही है।
‘घर घर सोलर’ के तहत शुरू की गई विशेष फाइनेंसिंग योजना में पात्र आवासीय ग्राहकों को कुछ मामलों में शून्य डाउन पेमेंट से भी फाइनेंसिंग की सुविधा मिल सकती है। इसका उद्देश्य उन परिवारों के लिए रूफटॉप सोलर को आसान बनाना है, जो शुरुआती लागत का बोझ उठाने में सक्षम नहीं हैं।
कंपनी के अनुसार, अब तक 25 से अधिक फाइनेंसिंग पार्टनरों के नेटवर्क के जरिए 8,500 करोड़ रुपये से अधिक की फाइनेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।
उद्योगों के लिए भी सोलर समाधान
टाटा पावर सोलर रूफ का फोकस सिर्फ घरेलू ग्राहकों तक सीमित नहीं है। कंपनी वाणिज्यिक और औद्योगिक (C&I) क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। टेक्सटाइल, स्टील, कोल्ड स्टोरेज, आईटी, हॉस्पिटैलिटी, बायोटेक्नोलॉजी, एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटोमोबाइल, डेटा सेंटर और चाय बागान जैसे क्षेत्रों में कंपनियों को रूफटॉप सोलर समाधान उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इन समाधानों के जरिए कंपनियों को पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने, ऊर्जा लागत को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने और अपने सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलती है। कंपनी सिस्टम डिजाइन से लेकर इंजीनियरिंग, इंस्टॉलेशन, फाइनेंसिंग और पोस्ट-इंस्टॉलेशन सर्विस तक एकीकृत समाधान उपलब्ध करा रही है।
बैटरी स्टोरेज से सूर्यास्त के बाद भी सौर ऊर्जा का इस्तेमाल
ऊर्जा आत्मनिर्भरता को सिर्फ दिन के समय सौर बिजली उत्पादन तक सीमित न रखते हुए टाटा पावर ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज समाधान भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल किए हैं।
रूफटॉप सोलर और बैटरी स्टोरेज को एक साथ इस्तेमाल करके दिन में पैदा हुई अतिरिक्त सौर ऊर्जा को स्टोर किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इस ऊर्जा का इस्तेमाल शाम, रात या कम धूप के समय किया जा सकता है। इससे ग्रिड पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के अधिकतम उपयोग में मदद मिलती है।
घरेलू ग्राहकों के लिए कंपनी का Mysine पोर्टफोलियो 5 kWh से 40 kWh तक के बैटरी स्टोरेज सिस्टम उपलब्ध कराता है। वहीं वाणिज्यिक और औद्योगिक ग्राहकों के लिए PowerHub पोर्टफोलियो 60 kWh से 5 MWh तक के बैटरी स्टोरेज समाधान उपलब्ध कराता है। जरूरत के अनुसार इन प्रणालियों की क्षमता को और बढ़ाया जा सकता है।
सोलर और बैटरी स्टोरेज से बनेगा एकीकृत ऊर्जा सिस्टम
रूफटॉप सोलर और बैटरी स्टोरेज का संयोजन उपभोक्ताओं को बिजली पैदा करने, उसे स्टोर करने और जरूरत के समय इस्तेमाल करने की सुविधा देता है। इससे घरों और व्यवसायों को स्वच्छ ऊर्जा के अधिक प्रभावी इस्तेमाल के साथ बेहतर ऊर्जा सुरक्षा हासिल करने में मदद मिल सकती है।
टाटा पावर का 26 गीगावाट से अधिक का पोर्टफोलियो
टाटा पावर देश के प्रमुख एकीकृत बिजली कारोबारों में शामिल है और टाटा समूह का हिस्सा है। कंपनी के कुल संचालन और निर्माणाधीन बिजली उत्पादन पोर्टफोलियो की क्षमता 26 गीगावाट से अधिक है। इसमें करीब 17.7 गीगावाट स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा क्षमता और लगभग 8.8 गीगावाट थर्मल पावर क्षमता शामिल है।
कंपनी के पास 7,800 से अधिक सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइनें हैं, जबकि इसकी वितरण कंपनियां 1.3 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवाएं देती हैं।
टाटा पावर ने करीब 4.9 गीगावाट की एकीकृत सोलर सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता स्थापित की है। कंपनी ने 2.8 गीगावाट के पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट भी हासिल किए हैं। इसके अलावा देश के 717 शहरों और कस्बों में कंपनी के सार्वजनिक ईवी चार्जिंग नेटवर्क में 7,000 से अधिक चार्जिंग पॉइंट हैं।
कंपनी ने वर्ष 2045 तक नेट जीरो हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई है और देश में स्वच्छ, टिकाऊ तथा तकनीक आधारित ऊर्जा समाधान विकसित करने की दिशा में काम जारी रखने की बात कही है।