जमशेदपुर : सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा वर्षों बाद भी नहीं मिला। बार-बार पत्राचार के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है। बाध्य होकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
भादुडीह-सातनाला से माधवपुर (पश्चिम बंगाल सीमा) तक सड़क चौड़ीकरण एवं विकास परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि का मुआवजा अब तक नहीं मिलने के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी नेताओं और प्रभावित रैयतों ने लंबित मुआवजा राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग उठाई।
भाकपा नेताओं ने बताया कि बोडाम प्रखंड के विभिन्न गांवों में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए जिला भू-अर्जन शाखा द्वारा भूमि अधिग्रहित की गई थी। परियोजना का पहला चरण वर्ष 2002 में तथा दूसरा चरण वर्ष 2016-17 में शुरू हुआ था। सड़क निर्माण कार्य वर्ष 2025 में पूरा हो चुका है, लेकिन प्रभावित रैयत परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है।
पार्टी के अनुसार लगभग 18 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से बोडाम प्रखंड के 11 गांवों और छह टोलों के करीब 1450 रैयत परिवार प्रभावित हुए हैं। भूमि अधिग्रहण के वर्षों बाद भी मुआवजा नहीं मिलने से ग्रामीण परिवार आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में असंतोष बढ़ रहा है।
प्रदर्शन के बाद भाकपा प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले की शीघ्र समीक्षा करने, लंबित मुआवजा भुगतान प्रक्रिया पूरी करने तथा इसकी समय-सीमा से प्रभावित परिवारों को अवगत कराने की मांग की।
