झारखंड के मुख्यमंत्री ने चुनाव से पहले महिला-केंद्रित योजनाओं पर प्रकाश डाला
सोरेन ने पेंशन और वित्तीय सहायता कार्यक्रमों सहित ‘ऐतिहासिक’ पहलों की सराहना की
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अपनी सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं का प्रदर्शन किया।
जमशेदपुर – झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा चुनाव से पहले पेंशन योजनाओं और वित्तीय सहायता कार्यक्रमों सहित महिला-केंद्रित पहलों को बढ़ावा दिया।
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महिला-केंद्रित योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनी सरकार की उपलब्धियों को सोशल मीडिया पर उजागर किया।
सोरेन ने झारखंड को विधवाओं, एकल माताओं और 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को 1,000 रुपये मासिक पेंशन देने वाला पहला राज्य घोषित किया।
झारखंड मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना (जेएमएमएसवाई) का लक्ष्य 48 लाख से अधिक महिलाओं को 12,000 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
पाकुड़ में शुरू की गई जेएमएमएसवाई में प्रत्येक माह की 15 तारीख तक लाभार्थियों के खातों में धनराशि जमा करने का वादा किया गया है।
सरकार ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना भी शुरू की है, जिसके तहत 10 लाख किशोरियों को 40,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
झामुमो के एक नेता ने कहा, “हमने सखी मंडल के माध्यम से लाखों महिलाओं को सशक्त बनाया है और पिछले साढ़े चार वर्षों में आजीविका संवर्धन के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की है।”
‘फूल-झानो अभियान’ ने राज्य में 35,000 से अधिक महिलाओं के लिए वैकल्पिक आजीविका के अवसर पैदा किए हैं।
अन्य पहलों में अबुआ आवास योजना, सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना शामिल हैं।
सोरेन ने आश्वासन दिया कि महिलाओं की गरिमा और आत्मसम्मान बढ़ाने के प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे।
