जमशेदपुर में विधायक सरयू राय ने खोला अवैध निर्माण के खिलाफ मोर्चा; बाराद्वारी की तस्वीर साझा कर जेएनएसी व माफिया के ‘गठजोड़’ को किया बेनकाब
==हाईकोर्ट के आदेश की उड़ रही धज्जियां: राजनीतिक संरक्षण में जारी है अवैध इमारतों का खेल, नगरपालिका प्रशासन की कार्यशैली पर भी खड़े कर दिए गंभीर सवाल
जमशेदपुर: जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र (JNAC) के अंतर्गत बाराद्वारी और आसपास के इलाकों में नक्शा उल्लंघन कर बनाई जा रही व्यावसायिक इमारतों का मुद्दा अब गरमा गया है। शहर के कद्दावर नेता और जमशेदपुर पश्चिम से जदयू विधायक सरयू राय ने इस ‘अवैध खेल’ के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बाराद्वारी में चल रहे एक बड़े अवैध निर्माण की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर न केवल भवन निर्माताओं की धृष्टता को उजागर किया है, बल्कि स्थानीय नगरपालिका प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विधायक की पोस्ट से खुली पोल
विधायक सरयू राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बाराद्वारी की एक निर्माणाधीन इमारत की तस्वीर साझा की है, जिसे स्थानीय लोगों ने शिकायत के तौर पर उन्हें भेजा था। विधायक ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शहर में एक तरफ जहाँ आम आदमी को छोटे से निर्माण के लिए नियमों के जाल में उलझाया जाता है, वहीं रसूखदार बिल्डर राजनीतिक वरदहस्त के दम पर बिना किसी खौफ के अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स खड़े कर रहे हैं।
हाईकोर्ट के आदेश की सरेआम अवहेलना
हैरानी की बात यह है कि झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा अवैध निर्माणों को चिन्हित कर उन पर कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें ध्वस्त करने के स्पष्ट आदेश के बावजूद, बाराद्वारी में यह निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेएनएसी (JNAC) के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बने हुए हैं। सुस्त नगरपालिका की यह चुप्पी सीधे तौर पर रसूखदारों को संरक्षण देने जैसी है।
जनता में आक्रोश, प्रशासन पर दबाव
सरयू राय के इस हस्तक्षेप के बाद जेएनएसी प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन अवैध इमारतों के कारण पार्किंग की समस्या विकराल हो रही है और भविष्य में यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बनेगा। विधायक ने साफ किया है कि नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे इन निर्माणों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे इस मामले को उच्च स्तर पर उठाएंगे।
क्या अब चलेगा बुलडोजर?
अब सवाल यह उठता है कि क्या विधायक द्वारा सबूत पेश किए जाने के बाद जेएनएसी की कुंभकर्णी नींद टूटेगी? क्या रसूखदार भवन निर्माताओं के अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चलेगा या फिर भ्रष्टाचार और राजनीतिक संरक्षण का यह खेल यूँ ही चलता रहेगा?
