भीड़ द्वारा किए गए क्रूर हमले में 25 आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी
नागाडीह लिंचिंग मामले में बयान दर्ज किए गए, अदालत 7 अगस्त को बचाव पक्ष के साक्ष्य पर सुनवाई करेगी।
जमशेदपुर – जमशेदपुर एडीजे-1 कोर्ट ने हाई-प्रोफाइल भीड़ हिंसा मामले में सभी 25 आरोपियों के बयान दर्ज किए।
एडीजे-1 विमलेश कुमार सहाय की अदालत ने शुक्रवार को 2017 नागाडीह मॉब लिंचिंग मामले में आरोपी 25 व्यक्तियों के बयान सुने।
सभी आरोपियों ने इस क्रूर हमले में अपनी बेगुनाही का दावा किया है जिसमें दो भाइयों और उनकी दादी सहित चार लोगों की जान चली गई थी।
एक कानूनी सूत्र ने बताया, “अदालत ने बचाव पक्ष के साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 7 अगस्त की तारीख तय की है।”
यह घटना 18 मई, 2017 को घटी, जब नागाडीह में ग्रामीणों ने बच्चा चोरी के संदेह में पीड़ितों पर ईंटों और पत्थरों से हमला कर दिया।
हिंसक हमले में विकास और गौतम वर्मा, उनकी दादी रामसखी देवी और दोस्त गंगेश गुप्ता की जान चली गई।
इस दुखद घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “पुलिस वहां मौजूद थी, लेकिन भीड़ को नियंत्रित नहीं कर सकी।”
मृतक के भाई उत्तम वर्मा ने बताया कि यह हमला सामुदायिक स्वच्छता परियोजना के दौरान पहचान को लेकर हुए विवाद से उपजा था।
इस मामले में स्थानीय मुखिया राजाराम हांसदा सहित 25 आरोपी शामिल हैं, तथा कुछ संदिग्ध अभी भी गिरफ्तारी से बच रहे हैं।
