जमशेदपुर के राजा तालाब में रासायनिक प्रदूषण के कारण हजारों मछलियाँ मर गईं
राजा तालाब की सफाई में रसायनों के अत्यधिक उपयोग से बड़ी संख्या में मछलियां मर गईं
जमशेदपुर – राजा तालाब, हरहरगुट्टू, बागबेड़ा में तालाब की सफाई के लिए रसायनों के इस्तेमाल के बाद हजारों मछलियां मर गईं।
यह घटना रविवार को तब प्रकाश में आई जब स्थानीय निवासियों ने तालाब से दुर्गंध आने की सूचना दी।
जांच करने पर उन्हें पानी में हजारों मरी हुई मछलियां तैरती हुई मिलीं।
ऐसा माना जा रहा है कि सफाई के लिए कथित तौर पर अत्यधिक मात्रा में इस्तेमाल किए गए रसायन के कारण ही मछलियों की मौत हुई।
निवासियों ने सोमवार सुबह प्रशासन को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचना पड़ा। एसडीओ पारुल सिंह मौके पर मौजूद थीं।
एसडीओ ने पूरे तालाब की वीडियोग्राफी कराई और पुष्टि की कि पानी जहरीला हो गया है।
एसडीओ पारुल सिंह ने कहा, “पानी जहरीला हो गया है और इस तालाब का इस्तेमाल स्थानीय लोग नहाने के लिए भी करते हैं।”
शिकायतें मिलने पर तालाब की सफाई और उसे अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश दिए गए।
मछलियों की मौत की फिलहाल जांच चल रही है।
मत्स्य विभाग की एक टीम ने भी स्थिति की जांच करने के लिए घटनास्थल का दौरा किया।
प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चलता है कि आस-पास के कई अपार्टमेंटों से अपशिष्ट जल तालाब में छोड़ा गया था, जिससे तालाब दूषित हो गया।
गंदे पानी की शिकायतों के जवाब में रसायनों का छिड़काव किया गया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में मछलियाँ मर गईं।
स्थानीय लोगों ने सफाई कर्मचारियों पर अत्यधिक रसायनों के प्रयोग का आरोप लगाया है, जिसके कारण उनका मानना है कि मछलियां मरी हैं।
