जमशेदपुर: शहर के बहुचर्चित हिमांशु हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले के अंतिम फरार आरोपी राघवेंद्र ने मंगलवार को बिष्टुपुर थाना पहुंचकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में नामजद सभी प्रमुख आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल, राहुल दुबे और राघवेंद्र ने आत्मसमर्पण किया है। इन तीनों से पूछताछ के आधार पर जांच एजेंसी हत्या की पूरी साजिश, घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिकाओं को जोड़ने में जुटी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। पुलिस जल्द ही इस चर्चित हत्याकांड का आधिकारिक खुलासा कर सकती है। संभावना है कि प्रेस वार्ता के दौरान हत्या की साजिश कैसे रची गई, वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया और इसमें शामिल प्रत्येक आरोपी की भूमिका क्या थी, इसका विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
गौरतलब है कि 7 जून को बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हिमांशु की दिनदहाड़े निर्मम हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हमलावरों ने हिमांशु को पुलिस वाहन से उतारने के बाद धारदार चापड़ से ताबड़तोड़ हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।
इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे शहर में भारी आक्रोश फैल गया था और पुलिस पर सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का जबरदस्त दबाव था।
अब अंतिम आरोपी के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस की जांच लगभग पूरी मानी जा रही है। ऐसे में शहरवासियों की निगाहें पुलिस की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, जहां इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की पूरी साजिश, आरोपियों की भूमिका और जांच से जुड़े अहम तथ्यों का खुलासा किए जाने की संभावना है।
