जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के आबकारी विभाग के खिलाफ जुगसलाई के लोगों में काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बगैर भौतिक सत्यापन सरकारी शराब दुकान खोलने की अनुमति दे दी गई।
मामला जुगसलाई थाना क्षेत्र के शिव घाट रोड स्थित विंध्यवासिनी मंदिर के पास प्रस्तावित सरकारी शराब दुकान का है। सोमवार रात स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
बड़ी संख्या में बस्तीवासी सड़क पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दुकान खोलने के फैसले का कड़ा विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क जाम कर प्रस्तावित शराब दुकान को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल स्थानीय निवासी नलिनी सिन्हा ने कहा कि जिस स्थान पर सरकारी शराब दुकान प्रस्तावित है, वह पूरी तरह से घनी आबादी वाला रिहायशी इलाका है।
यहां बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं और आसपास बच्चों की संख्या भी काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित दुकान से करीब 100 मीटर की दूरी पर विंध्यवासिनी मंदिर स्थित है।
इसके अलावा सेंट जॉन इंग्लिश हाई स्कूल सहित कई ट्यूशन सेंटर भी आसपास संचालित होते हैं, जहां प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की लगभग 60 प्रतिशत आबादी बच्चों की है। ऐसे में शराब दुकान खुलने से इलाके का सामाजिक वातावरण प्रभावित होगा।
उनका आरोप है कि दुकान शुरू होने के बाद नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग सकता है, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ेगा तथा क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शहर में पहले से ही अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे में मंदिर, स्कूल और घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र के समीप सरकारी शराब दुकान खोलना जनहित के विपरीत है।
उन्होंने प्रशासन से स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने और प्रस्तावित दुकान को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की।
बस्तीवासियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जुगसलाई की कई बस्तियों में शराब दुकान को लेकर कई आपराधिक घटनाएं हो चुकी है। इसके बाद भी न जाने किस परिस्थिति में यहां दुकान खोलने की अनुमति दे दी गई।
