जमशेदपुर : झारखंड में कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मेहरबाई टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (एमटीएमएच) ने आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पहली बार सफलतापूर्वक “कमांडो सर्जरी” की है। इस अत्याधुनिक और जीवनरक्षक उपचार को आर्थिक रूप से कमजोर मरीज के लिए पूरी तरह कैशलेस तरीके से उपलब्ध कराया गया।
यह जटिल सर्जरी मुंह और सिर-गर्दन के एडवांस कैंसर से पीड़ित एक मरीज पर की गई, जो महंगे इलाज का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं था। इस सफल ऑपरेशन ने यह साबित किया कि आयुष्मान भारत योजना समाज के कमजोर वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस सर्जरी का नेतृत्व ऑन्कोसर्जन डॉ. लक्ष्मण महासेठ और डॉ. प्रणय कुमार मिश्रा ने किया। उन्हें डॉ. अनुप उपाध्याय ने सहयोग दिया, जबकि एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. देबाशीष कर्मोकार ने संभाली। ऑन्कोलॉजी आईसीयू टीम के सहयोग से मरीज की सर्जरी से पहले और बाद की देखभाल सफलतापूर्वक की गई।
कमांडो सर्जरी को कैंसर उपचार की सबसे जटिल प्रक्रियाओं में माना जाता है। इसमें बड़े स्तर पर ट्यूमर को हटाना और शरीर के प्रभावित हिस्से का पुनर्निर्माण करना शामिल होता है। इस तरह की सर्जरी के बाद लंबे समय तक गहन चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता पड़ती है।
अस्पताल प्रबंधन ने इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण चिकित्सीय उपलब्धि बताया है। साथ ही इसे झारखंड और आसपास के राज्यों में सस्ती और समान कैंसर चिकित्सा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना है। एमटीएमएच के डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और अन्य कर्मचारियों ने यह संकल्प दोहराया कि आर्थिक स्थिति किसी भी मरीज के जीवनरक्षक उपचार में बाधा नहीं बनने दी जाएगी और सभी को आधुनिक एवं संवेदनशील कैंसर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
