19 अप्रैल को लगेगी तिथि, 20 अप्रैल को उदया तिथि
सोना ही नहीं, मिट्टी के बर्तन खरीदने से मजबूत होता है मंगल ग्रह
हल्दी की गांठ से गुरु व पीली सरसों, पीली कौड़ी और तांबा से सुख-समृद्धि और मान-सम्मान में वृद्धि
पूजा, दान और नए कार्यों के लिए सबसे श्रेष्ठ दिन
जमशेदपुर : हिंदू धर्म में Akshaya Tritiya को अत्यंत शुभ और मंगलकारी दिन माना जाता है। इसे आखा तीज भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए जप, तप, दान और शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए इसे ‘अक्षय’ कहा गया है।
पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 7:27 बजे तक रहेगी। हालांकि उदया तिथि 20 अप्रैल को पड़ रही है, लेकिन तिथि 19 अप्रैल को लगने के कारण इसी दिन पूजा का विशेष महत्व रहेगा।
19 अप्रैल को पूजा का प्रमुख शुभ मुहूर्त सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा। इसके अलावा दिन के अन्य समयों में भी शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें पूजा-पाठ, दान और खरीदारी करना लाभकारी माना गया है।
परंपरा के अनुसार इस दिन सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे धन-समृद्धि में वृद्धि होती है। लेकिन अगर सोना खरीदना संभव न हो तो ज्योतिष के अनुसार कुछ अन्य वस्तुएं भी शुभ मानी गई हैं।
मिट्टी के बर्तन खरीदने से मंगल ग्रह मजबूत होता है, रूई से शुक्र ग्रह का प्रभाव बढ़ता है, हल्दी की गांठ से गुरु ग्रह मजबूत होता है। वहीं पीली सरसों, पीली कौड़ी और तांबा खरीदना भी सुख-समृद्धि और मान-सम्मान में वृद्धि करने वाला माना गया है।
इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। साथ ही दूध, दही, चावल और सत्तू का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया को ‘अबूझ मुहूर्त’ भी कहा जाता है, यानी इस दिन बिना मुहूर्त देखे विवाह, गृह प्रवेश या नया व्यापार शुरू किया जा सकता है।
क्या न करें:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन घर में अंधेरा नहीं रखना चाहिए, दीपक जलाकर रखना शुभ होता है। तामसिक भोजन से बचना चाहिए और क्रोध या विवाद से दूर रहना चाहिए। उधार का लेन-देन करना अशुभ माना गया है, साथ ही चमड़े की वस्तुएं खरीदने से भी परहेज करना चाहिए।
