लगातार नौवीं बार टाटा स्टील बना “स्टील सस्टेनेबिलिटी चैंपियन 2026”

जमशेदपुर : टाटा स्टील को World Steel Association (वर्ल्डस्टील) द्वारा “स्टील सस्टेनेबिलिटी चैंपियन 2026” के रूप में सम्मानित किया गया है। यह लगातार नौवां वर्ष है जब कंपनी को यह प्रतिष्ठित मान्यता मिली है।

स्टील सस्टेनेबिलिटी चैंपियन कार्यक्रम के तहत उन कंपनियों को सम्मानित किया जाता है, जो सतत विकास के प्रति उत्कृष्ट प्रतिबद्धता और ठोस पहल दिखाती हैं तथा वर्ल्डस्टील की सस्टेनेबिलिटी पहलों में सक्रिय भागीदारी करती हैं। टाटा स्टील उन चुनिंदा दो कंपनियों में शामिल है, जिन्हें 2018 में कार्यक्रम की शुरुआत से हर वर्ष यह सम्मान मिला है।

इस उपलब्धि पर टाटा स्टील के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक T V Narendran ने कहा कि कंपनी के संचालन के हर पहलू में सस्टेनेबिलिटी शामिल है। संसाधनों के बेहतर उपयोग, कम-कार्बन तकनीकों को बढ़ावा देने और समुदाय व हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर कंपनी लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लगातार नौ वर्षों तक यह सम्मान मिलना कंपनी की जिम्मेदार और सतत स्टील निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

यह सम्मान टाटा स्टील के उन प्रयासों को भी रेखांकित करता है, जिनके तहत कंपनी अपने संचालन में सस्टेनेबिलिटी को मजबूती से लागू कर रही है। इसमें संसाधन दक्षता बढ़ाना, उत्सर्जन में कमी लाना और कम-कार्बन स्टील उत्पादन के लिए नई तकनीकों को अपनाना शामिल है।

सस्टेनेबिलिटी चैंपियन बनने के लिए कंपनियों को कड़े मानकों को पूरा करना होता है, जिनमें वर्ल्डस्टील सस्टेनेबिलिटी चार्टर पर हस्ताक्षर करना और प्रमुख संकेतकों पर बेहतर प्रदर्शन शामिल है। इनमें सामग्री दक्षता, पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षा, कर्मचारी प्रशिक्षण, नवाचार में निवेश और आर्थिक मूल्य वितरण जैसे पहलू शामिल हैं। साथ ही कंपनियों को लाइफ साइकिल इन्वेंटरी (LCI) डेटा भी वर्ल्डस्टील को देना होता है।

टाटा स्टील वर्ल्डस्टील के क्लाइमेट एक्शन कार्यक्रम में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही है और अपने उत्पादों व प्रक्रियाओं के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कंपनी वैश्विक स्टील उद्योग को कम-कार्बन भविष्य की ओर ले जाने के लिए नई तकनीकों और प्रक्रियाओं पर काम कर रही है।

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