ग्रामीणों ने प्रशासन से की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
मुख्य बिंदु:
- एसटी सीट से चुनाव पर उठे गंभीर सवाल
- जाति प्रमाण-पत्र को ग्रामीणों ने बताया संदिग्ध
- प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग तेज
जमशेदपुर – पलाशबानी पंचायत में पंचायत समिति सदस्य पर फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आरोपों के बाद ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई है।
पलाशबानी पंचायत के ग्रामीणों ने पंचायत समिति सदस्य पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने भरत राम लोहरा के चुनाव पर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार मामला वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव से जुड़ा है। उस समय वह अनुसूचित जनजाति आरक्षित सीट से निर्वाचित हुए थे।
दूसरी ओर, ग्रामीणों का दावा है कि वह इस क्षेत्र के मूल निवासी नहीं हैं।
ग्रामीणों ने उनके जाति प्रमाण-पत्र को संदिग्ध बताया है। उन्होंने प्रमाण-पत्र संख्या और जारी तिथि का भी उल्लेख किया है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह प्रमाण-पत्र मानगो अंचल कार्यालय से जारी बताया गया है।
ग्रामीणों ने नियमों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि एसटी प्रमाण-पत्र के लिए पुराने निवास का आधार आवश्यक होता है।
हालांकि, इस मामले में ऐसे दस्तावेज लागू नहीं होते बताए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उनका संबंध पश्चिम सिंहभूम क्षेत्र से जुड़ा है।
उधर, यह भी दावा किया गया कि परिवार का खतियान कमार जाति में दर्ज है।
ग्रामीणों ने इसे नियमों के विरुद्ध बताया है। उनका कहना है कि इस आधार पर चुनाव लड़ना गलत है।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने अन्य आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने अवैध गतिविधियों में संलिप्तता की बात कही है।
दूसरी ओर, बताया गया कि उनके खिलाफ न्यायालय में कई मामले दर्ज हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने उचित कार्रवाई करने पर जोर दिया है।
हालांकि, अब तक संबंधित सदस्य की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


