जमशेदपुर में ट्रेनों की लेटलतीफी पर बढ़ा आक्रोश, आधा दर्जन स्टेशनों पर चलेगा हस्ताक्षर अभियान

यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने पर उठे सवाल
डीआरएम से मांगा जाएगा स्पष्ट जवाब, शिष्टमंडल सौंपेगा ज्ञापन
टाटानगर समेत कई स्टेशनों पर यात्रियों से लिया जाएगा फीडबैक
आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज करने की तैयारी

जमशेदपुर। जमशेदपुर में ट्रेनों की लगातार देरी को लेकर रेल यात्री संघर्ष समिति ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। यात्रियों की समस्याओं को लेकर अब विभिन्न स्टेशनों पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और रेलवे अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।

टाटानगर रेलवे जंक्शन पर ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर रेल यात्री संघर्ष समिति ने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है। समिति ने चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को आगे बढ़ाने का आदेश किस स्तर से दिया जा रहा है।

यह निर्णय जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर स्थित कार्यालय में आयोजित समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता संयोजक शिवशंकर सिंह ने की, जबकि सरयू राय विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक में कहा गया कि यात्री ट्रेनों की निर्धारित समय-सारणी होती है, जबकि मालगाड़ियों के संचालन का कोई तय समय नहीं होता। ऐसे में सवाल उठाया गया कि सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर के बावजूद मालगाड़ियों का दबाव बढ़ाने का आधार क्या है। समिति ने तय किया कि जल्द ही एक शिष्टमंडल डीआरएम को ज्ञापन सौंपेगा, जिसकी प्रतिलिपि रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और महाप्रबंधक को भी भेजी जाएगी।

यात्रियों की समस्याओं को सीधे दर्ज करने के लिए विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। टाटानगर, आदित्यपुर, गोविंदपुर, सलगाजुड़ी, कांड्रा और गम्हरिया जैसे स्टेशनों पर कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। वे प्लेटफॉर्म के साथ-साथ ट्रेनों के अंदर जाकर यात्रियों से लेटलतीफी को लेकर फीडबैक लेंगे।

बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि जहां एक ओर रेलमंत्री यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात करते हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर यात्री लगातार परेशान हो रहे हैं। ट्रेनों का घंटों लेट चलना यात्रियों के लिए गंभीर समस्या बन गया है।

समिति ने कहा कि 10 दिनों के धरना के बावजूद टाटानगर जंक्शन पर स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। यात्रियों से लगातार फोन, व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायतें मिल रही हैं, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

बैठक में मुकेश मित्तल, सुबोध श्रीवास्तव, मुकुल मिश्रा, अजय कुमार, सतीश कुमार सिंह, नीरज सिंह, कुलविंदर सिंह, अमित शर्मा, अमृता मिश्रा, उषा यादव, अजय गुप्ता, धर्मेंद्र सिंह, जीतेंद्र सिंह, आफताब अहमद सिद्दिकी, रवींद्र कुमार सिंह और अनिल प्रकाश समेत कई सदस्य उपस्थित रहे।

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