जमशेदपुर/नोएडा: गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) में 13 अप्रैल को हुई हिंसा की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे स्टील सिटी जमशेदपुर के एक पूर्व बीटेक छात्र का हाथ है।
पुलिस ने आदित्य आनंद की पहचान एनआईटी जमशेदपुर से बीटेक करने वाले युवक के रूप में की है, जिसे इस सुनियोजित साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि यह घटना अचानक भड़का विरोध नहीं थी, बल्कि पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस मामले में दो सह-आरोपी रूपेश रोई और मनीषा चौहान को 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि आदित्य आनंद अब भी फरार है।
जांच में सामने आया है कि ये तीनों 31 मार्च से 1 अप्रैल के बीच नोएडा पहुंचे थे और वहां पहले रेकी की। इसके बाद इन्होंने क्यूआर कोड के जरिए बनाए गए व्हाट्सऐप ग्रुप्स के माध्यम से हजारों मजदूरों को तेजी से जोड़ा। 10 अप्रैल तक यह समूह कथित तौर पर भड़काऊ रैलियां निकाल रहा था और मजदूरों को सड़क जाम करने के लिए उकसा रहा था।
इस महीने की शुरुआत में गौतम बुद्ध नगर में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर मजदूरों का विरोध प्रदर्शन हुआ था, जो बाद में हिंसक हो गया। पुलिस जांच में पता चला कि इस दौरान सुनियोजित तरीके से भ्रामक जानकारी फैलाई गई और लोगों को उकसाया गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में कई वाहनों में आगजनी और पथराव हुआ।
करीब 83 स्थानों पर हजारों मजदूर सड़कों पर उतरे। हालांकि अधिकांश जगहों पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन दो प्रमुख स्थानों पर हिंसा भड़क गई, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो और पोस्ट—जिनमें पुलिस फायरिंग में मजदूरों की मौत का झूठा दावा भी शामिल था—तेजी से फैलाए गए, जिससे माहौल और गरमाया।
साइबर पुलिस ने जांच में दो एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट—@Proudindiannavi और @Mir_Ilyas_INC—को पाकिस्तान से संचालित पाया। इन हैंडल्स ने वीपीएन के जरिए यह झूठी खबर फैलाई कि पुलिस कार्रवाई में 20 लोगों की मौत और 99 लोग घायल हुए हैं।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि इन अकाउंट्स के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भ्रामक सूचना फैलाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और लोगों में भय व आक्रोश फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। तकनीकी जांच में पुष्टि हुई कि ये अकाउंट वीपीएन के जरिए पाकिस्तान से ऑपरेट किए जा रहे थे।
नोएडा पुलिस ने इस मामले में अब तक 13 एफआईआर दर्ज की हैं और 62 लोगों को गिरफ्तार किया है। वर्तमान स्थिति पर कमिश्नर ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर में हालात अब पूरी तरह सामान्य हैं और सभी औद्योगिक इकाइयां खुल चुकी हैं, जहां मजदूर शांतिपूर्वक काम कर रहे हैं।
मजदूरों की मांगों के समाधान पर उन्होंने बताया कि समझौते की शर्तों को लागू किया जा रहा है, जिससे श्रमिकों में संतोष है और संवाद की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और फरार आदित्य आनंद की तलाश तेज कर दी गई है। संकेत हैं कि उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
