जमशेदपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर झामुमो सख्त, घातक हथियारों पर लगे प्रतिबंध
जमशेदपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और शहर में घातक हथियारों की अवैध उपलब्धता को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के समक्ष गंभीर चिंता जताई है।
झामुमो केंद्रीय समिति के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने शुक्रवार को वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को एक मांग पत्र सौंपा। इसमें शहर की शांति व्यवस्था बहाल करने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की गई है।
पार्टी ने विशेष रूप से शहर में बढ़ रही “चापड़-बाजी” की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि चाइनीज चापड़ जैसे घातक हथियार हार्डवेयर दुकानों और सड़कों पर सामान्य घरेलू सामान की तरह आसानी से उपलब्ध हैं।
अपराधी इनका उपयोग जानलेवा हमलों में कर रहे हैं, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव के कारण कई मामलों में पीड़ितों की मौत तक हो रही है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि इस हथियार को प्रतिबंधित श्रेणी में शामिल कर इसकी बिक्री और सार्वजनिक उपयोग पर तत्काल रोक लगाई जाए।
इसके अलावा, बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित बजरंगी चाय दुकान में एक महिला कर्मी और उनके परिजनों के साथ हुए अभद्र व्यवहार की घटना पर भी आक्रोश जताया गया। झामुमो नेताओं का आरोप है कि इस मामले में शामिल आरोपी एक विशेष दल से जुड़े हैं और राजनीतिक संरक्षण के कारण अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
प्रतिनिधिमंडल में झामुमो के केंद्रीय सदस्य प्रमोद लाल और शेख बदरुद्दीन के साथ खुद्दू उरांव, फैयाज खान, प्रीतम हेंब्रम, गुरमीत सिंह गिल, अभय पांडे, डी. राकेश राव, प्रकाश चंद्र झा, विष्णु नाग, उमेश गिरी, सुखलाल टुडू, पिंटू लाल और चंदन लाल समेत कई नेता व कार्यकर्ता शामिल थे।
