जमशेदपुर में मछलियों की मौत की उच्चस्तरीय जांच हो, विधायक सरयू राय ने उठाए प्रदूषण पर सवाल
जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक श्री सरयू राय ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से बाबुडीह के पास स्वर्णरेखा नदी और धातकीडीह तालाब में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत की घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट सतही और अविश्वसनीय प्रतीत होती है।
उन्होंने यह जानने की आवश्यकता जताई है कि जमशेदपुर के वातावरण में ऐसे कौन-से प्रदूषक तत्व मौजूद हैं, जिनके कारण नदी और तालाब का पानी दूषित हो रहा है और मछलियों की मौत हो रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जहां नदी और तालाब में ऑक्सीजन की कमी को कारण बताया है, वहीं तालाब में तापमान के उतार-चढ़ाव और नदी में बारिश के कारण गंदगी जाने की बात कही है। विधायक के अनुसार ये निष्कर्ष पर्याप्त और संतोषजनक नहीं हैं।
सरयू राय ने यह भी मांग की है कि टाटा स्टील के कारखाने से निकलने वाले बहिस्राव (इफ्लुएंट) में प्रदूषक तत्वों की वास्तविक मात्रा सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध होने चाहिए, लेकिन वहां यह जानकारी नहीं मिल रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कुछ आंकड़े संकेत देते हैं कि बीओडी और सीओडी का स्तर निर्धारित सीमा से अधिक है।
इसके अलावा, उन्होंने बहिस्राव में सायनाइड की मात्रा और उसकी निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार इसकी नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है, लेकिन इससे संबंधित आंकड़े भी सार्वजनिक नहीं हैं।
उपायुक्त, जो जिला पर्यावरण समिति के अध्यक्ष होते हैं, से उन्होंने आग्रह किया है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यप्रणाली की गहन जांच कराई जाए। साथ ही तालाब में मछलियों की मौत के पीछे अन्य कारणों जैसे काई, तलछट, जलकुंभी, शैवाल की स्थिति और बाहरी जलस्रोतों के प्रभाव का भी वैज्ञानिक विश्लेषण कराया जाए।
अंत में, उन्होंने सुझाव दिया कि इस पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र (थर्ड पार्टी) एजेंसी से कराई जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
