पूर्वी सिंहभूम जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत, 14 वर्ष की बालिकाओं को टीका लेने की अपील
जमशेदपुर : सदर अस्पताल परिसर में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और 14 वर्ष की आयु की सभी बालिकाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह भारत सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम है, जिसका मुख्य उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम करना है।
जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार पांडा ने अभिभावकों से अपील की कि वे बिना किसी डर या भ्रम के अपनी बच्चियों का टीकाकरण अवश्य कराएं, क्योंकि यह वैक्सीन पूर्णतः सुरक्षित और प्रभावी है।
डॉ. मिताली घोष ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने में बेहद कारगर है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को जागरूक होकर 14 वर्ष की बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव संभव हो सके।
डॉ. मृत्युंजय धाउड़िआ ने जानकारी दी कि एनसीडी कार्यक्रम के तहत सर्वाइकल कैंसर की जांच भी की जाती है। उन्होंने सलाह दी कि टीकाकरण के बाद लाभार्थियों को 20–30 मिनट तक विश्राम करना चाहिए, ताकि सिरदर्द, चक्कर या मितली जैसे हल्के दुष्प्रभावों की स्थिति में तुरंत देखभाल की जा सके। साथ ही, टीकाकरण के दिन भारी शारीरिक गतिविधियों से बचने की भी सलाह दी गई।
उन्होंने यह भी बताया कि यह वैक्सीन 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में सर्वाइकल कैंसर और एचपीवी से संबंधित अन्य कैंसर की रोकथाम में प्रभावी है।
कार्यक्रम के दौरान तीन बालिकाओं को एचपीवी टीका लगाया गया और उन्हें टीकाकरण प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर डॉ. राजीव लोचन महतो, हकीम प्रधान सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
